Jabalpur news today। 2 अक्टूबर का दिन जबलपुर केंद्रीय जेल (सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल) के लिए विशेष रहा, क्योंकि गांधी जयंती और दशहरे के शुभ संयोग पर छह आजीवन कारावास भुगत चुके बंदियों को विधिक प्रक्रिया के तहत रिहा किया गया। हर साल गांधी जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती और जनजातीय गौरव दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर अच्छे आचरण वाले बंदियों की रिहाई की परंपरा रही है।
जेल उपाधीक्षक मदन कमलेश ने जानकारी देते हुए बताया कि रिहा किए गए बंदी सिवनी, जबलपुर, कटनी सहित अन्य जिलों से थे और इन्होंने अपनी सजा की निर्धारित अवधि पूरी कर ली थी। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सभी को जेल से मुक्त कर दिया गया।
इस अवसर पर जेल परिसर में शस्त्र पूजन और दुर्गा पूजा का आयोजन भी श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया गया। जेल प्रशासन और बंदियों ने मिलकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सिद्धांतों को याद किया।
जेल उपाधीक्षक कमलेश ने बताया कि “बंदियों के लिए हर पर्व को संयम, अनुशासन और सुधार के अवसर के रूप में मनाया जाता है। दशहरे के दिन भी जेल परिसर में पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक सकारात्मक माहौल बना रहा।”
यह आयोजन ना केवल जेल सुधार की दिशा में एक सशक्त कदम रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि रिहाई के बाद भी समाज में पुनः स्थापित होने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि ये व्यक्ति एक नई शुरुआत कर सकें।


