जबलपुर। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के अंतर्गत निर्मित शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के दूसरे हिस्से के हालिया क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण, निगरानी और प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदार सभी पक्षों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए—चाहे वे ठेकेदार हों, कंसल्टेंट कंपनी या संबंधित अधिकारी।
सेवानिवृत्त अफसरों पर भी शिकंजा
सूत्रों के अनुसार, उस अवधि में परियोजना की जिम्मेदारी संभालने वाले दो सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों की पेंशन रोकने और उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और पर्यवेक्षण में गंभीर चूक की आशंका जताई गई है।
ठेकेदार और कंसल्टेंट पर एफआईआर, ब्लैकलिस्ट
एमपीआरडीसी की शिकायत पर थाना शहपुरा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। निर्माण एजेंसी वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड तथा उसकी संयुक्त भागीदारी फर्म मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना (जे.वी.) कंपनी लिमिटेड के खिलाफ जालसाजी और लापरवाही सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विनोद जैन (बांसवाड़ा, राजस्थान) और प्रोजेक्ट की निगरानी करने वाली मेसर्स आईसीटी प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली) के टीम लीडर हुकुम सिंह परमार व अन्य को भी नामजद किया गया है। संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गुणवत्ता पर सवाल, रिपोर्ट से खुली परतें
बताया जा रहा है कि तकनीकी परीक्षणों और विशेषज्ञ रिपोर्टों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। रिटेनिंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए मंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी चूक स्वीकार्य नहीं। विभागीय नोटिस और तकनीकी निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जा रही है।
जबलपुर-भोपाल मार्ग बहाली पर फोकस
घटना के बाद जबलपुर-भोपाल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। मरम्मत और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। लक्ष्य एक माह के भीतर सुरक्षित आवागमन बहाल करना है। चूंकि परियोजना अभी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में है, इसलिए मरम्मत का पूरा व्यय संबंधित ठेकेदार से ही वसूला जाएगा। डायवर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और संकेतक लगाए गए हैं, तथा रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर पूर्व लेवल क्रॉसिंग पुनः प्रारंभ करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
सरकार का कहना है कि दोष तय होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।


