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श्री मिश्रा ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से रूबरू चर्चा कर ली जानकारी
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शहडोल 24 फरवरी 2026 – भारत सरकार के संयुक्त सचिव एवं प्रधानमंत्री पीएम धन-धान्य योजना के नोडल अधिकारी श्री दीपक मिश्रा ने सोहागपुर जनपद पंचायत के ग्राम लमरो में प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती क्लस्टर का निरीक्षण किया तथा किसानों से रूबरू चर्चा कर खेती के तरीकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
किसान मोहन पटेल ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ सिद्धांत पर आधारित 08 एकड़ क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की खेती प्रारंभ की है। उन्होंने बताया कि पहले वे बटाई में खेत लेकर खेती करते थे। किसान कल्याण विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के संपर्क में आने पर उन्हें खेती की नई-नई पद्धतियों की जानकारी मिली।
नई तकनीक की जानकारी होने के पश्चात ग्राम लमरो में 08 एकड़ क्षेत्र में मल्चिंग एवं ड्रिप एरिगेशन का उपयोग करते हुए मिर्ची, टमाटर, पत्ता गोभी, रेरूआ, कुम्हड़ा आदि उद्यानिकी फसलें लेना प्रारंभ किया। कृषि विभाग द्वारा ड्रिप एरिगेशन की सुविधा अनुदान पर उपलब्ध कराई गई। साथ ही समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। उत्पादित सब्जियां शहडोल मंडी में अच्छे दामों में बिक जाती हैं। इस तकनीक का उपयोग करने से वर्ष में 7 से 8 लाख रुपये तक का लाभ हो जाता है।
गांव के किसान श्री भोल्ली सिंह ने बताया कि उनके गांव में बैगा एवं भुमिया जनजाति के लोग निवास करते हैं। गांव के 107 किसान प्राकृतिक खेती के माध्यम से गेहूं, चना, धान, अरहर सहित दैनिक उपयोग में आने वाले खाद्यान्न की फसल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं करते हैं। मटका खाद का उपयोग किया जाता है, जिसके निर्माण में गोबर एवं गौमूत्र का प्रयोग होता है।
इसी तरह जैविक विधि से तैयार कीटनाशक दवाओं का उपयोग किया जाता है। जैविक कीटनाशक का निर्माण नीम, कहुआ, बेसरम, धतूरा, सीताफल आदि पत्तियों तथा गुड़ के उपयोग से किया जाता है। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग भी जैविक खेती में किया जाता है।
गांव की किसान सखी श्रीमती बिरमतिया बाई ने बताया कि यहां कृषि सखियों की सीआरपी बनाई गई है। कृषि सखियां सीआरपी के सदस्यों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करती हैं।
संयुक्त सचिव भारत सरकार श्री मिश्रा ने किसानों से खेती के तरीकों, कृषि लागत में कमी तथा स्थानीय संसाधनों के उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की, साथ ही मटका खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक कीटनाशक बनाने की विधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जनजातीय किसानों द्वारा अपनाई गई प्राकृतिक खेती की पद्धति की सराहना की।
उप संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत ग्राम लमरो को बीआरसी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां के किसान परंपरागत रूप से जैविक खेती करते आ रहे हैं।
कृषि वैज्ञानिक श्री बी.के. प्रजापति ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों को अनेक लाभ मिल रहे हैं। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से जहां खेती की लागत कम हुई है, वहीं किसानों को अपनी उपज का अधिक मूल्य भी आसानी से प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर ग्रामीण किसान, कृषि सखियां, विभागीय अमला, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, उप संचालक श्री आर.के. मंगलानी, एपीसी श्री अरविंद कुमार पाण्डेय एवं कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।


