सभी शालाओें में मनाया गया प्रवेशोत्सव
नवप्रवेशी बच्चों का किया गया स्वागत
सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में जिला स्तरीय प्रवेशोत्सतव का हुआ आयोजन
01 अप्रैल 2026 से बालाघाट जिले की शालाओं में भी नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर जिले की सभी शालाओं में प्रवेशोत्सटव मनाया गया और नवप्रवेशी बच्चोंण का तिलक लगाकर और पुष्पिवर्षा कर स्वा गत किया गया। इस अवसर पर बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया और कक्षा 06 वी एवं 09 वीं में प्रवेश करने करने वाले छात्र-छात्राओं को साईकिल का वितरण किया गया।
जिला मुख्यालय बालाघाट में शाला प्रवेशोत्सव का जिला स्तरीय कार्यक्रम सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम बिसेन, नगर पालिका बालाघाट की अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी कुमार उपाध्याय, सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक श्री जी पी बर्मन, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ युवराज रहांगडाले, डाईट के प्राचार्य श्री मलगाम, शाला में प्रवेश करने वाले बच्चे, उनके अभिभावक एवं शिक्षक शिक्षिकायें उपस्थित थी। सांदीपनि विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शाला प्रवेशोत्सव के भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संबोधन को सुना गया।
सांदीपनि विद्यालय में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं बच्चों के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बेहद प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शाला में पहली बार प्रवेश लेना हर बच्चे और उसके परिवार के लिए जीवन का एक विशेष और यादगार क्षण होता है। यह केवल एक औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का पहला कदम है। उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन उनकी शिक्षा यात्रा के शुभारंभ का प्रतीक है। उन्हों़ने सभी बच्चों से कहा कि वे पूरे मन से पढ़ाई करें, अपने सपनों को पहचानें और हर परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य रखें।
कलेक्टर श्री मीना ने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों की रुचि और प्रतिभा को समझते हुए उन्हें सही दिशा दें। “हर बच्चा विशेष होता है, जरूरत है उसकी क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शाला से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और जिले में ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए शालाओं में एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) सर्वे का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही पढ़ाई की नींव मजबूत की जा सके।
कलेक्टर श्री मीना ने सभी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “शिक्षा ही वह शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार कर सकती है, इसलिए सीखने का यह सफर पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ शुरू करें।
कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा एवं स्वागत गीतों के साथ अभिनंदन किया गया और उन्हें साईकिल एवं पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया गया। शासकीय प्राथमिक शाला गायखुरी का सांदीपनि विद्यालय में संविलियन कर दिया गया है। जिसके फलस्वरूप गायखुरी शाला के सभी बच्चों का 01 अप्रैल को सांदीपनि विद्यालय में पुष्पवर्षा कर एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर शाला में नवप्रवेशी बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे।


