जिले में ई टोकन के माध्यम से खाद न बेचने के मामले में कार्यवाही
ई टोकन के माध्यम से खाद्य न बेचने के मामले में कृषि विभाग ने 36 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए हैं उपसंचालक कृषि फूल सिंह मालवीया ने बताया कि गायत्री ट्रेडर्स आरम्भा, लिलहारे ट्रेडर्स सिवनी कला, साई कृषि सेवा केंद्र लांजी, गहने कृषि केंद्र बोनकट्टा कटंगी, मां शारदा कृषि केंद्र लांजी ,नारायण कृषि केंद्र बालाघाट फार्मर फ्यूचर बायोटेक गर्रा वारासिवनी, लीलहारे कृषि केंद्र सिंगोला, सिहोरे कृषि केंद्र मुरझाड़, परमात्मा एक कृषि केंद्र खैरलांजी, ओम साईं कृषि केंद्र लांजी पांचे कृषि केंद्र बालाघाट साईं कृषि केंद्र किरनापुर, किसान कृषि केंद्र मुरझाड़, सत्यनाम कृषि केंद्र किरनापुर, परमात्मा एक कृषि केंद्र खैरलांजी, रानगिरे कृषि केंद्र बालाघाट, महावीर कृषि केंद्र बालाघाट, बहेटवार कृषि केंद्र किरनापुर, न्यू लिलहोर कृषि केंद्र खैरलांजी, प्रतीक ट्रेडर्स शाडरा, मांदरे कृषि केंद्र बालाघाट, जय श्री राम कृषि सेवा केंद्र लालबर्रा, गोकुलपुरे कृषि केंद्र खैरलांजी, खुमेंद्र कृषि केंद्र बिटोड़ी, एवं चौरागढ़ कृषि केंद्र वारासिवनी इसके अलावा 10 सेवा सहकारी समिति कंजई, लामता, चांगोटोला, कुमारीकला, गजपुर, पुलपुट्टा, टिकरी नंदौरा गड़ी बैहर, हट्टा एवं बड़गांव इस तरह कल 26 निजी उर्वरक विक्रेता एवं 10 सेवा सहकारी समिति के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं
किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई विकास प्रणाली 1 अप्रैल से सत प्रतिशत लागू हो गई है जिसके लिए विभाग द्वारा पूर्व में पत्र के माध्यम से समस्त उर्वरक विक्रेता को अवगत करवाया गया था इस प्रणाली से किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी-लंबी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी एवं निश्चित दिनांक एवं समय में टोकन अनुसार उर्वरक किसानों को दिया जाएगा


