जबलपुर। जिले की चरगवां तहसील अंतर्गत बढ़ैयाखेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कब्रिस्तान और चरनोई भूमि के विवाद को प्रशासन ने आखिरकार सुलझा लिया। मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विवादित भूमि का सीमांकन कर सीमा निर्धारित की।
इस दौरान मौके पर नायब तहसीलदार, सीएसपी सहित चार थानों का पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वहीं सीमांकन कार्य को निष्पक्ष रूप से पूरा करने के लिए 11 पटवारियों की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, खसरा नंबर 242 की भूमि पूर्व में कब्रिस्तान के लिए आवंटित की गई थी, जबकि इससे सटी खसरा नंबर 243 की जमीन चरनोई (चराई) भूमि के रूप में दर्ज है। दोनों भूमि के बीच सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ था। एक पक्ष का आरोप था कि दूसरा पक्ष चरनोई भूमि से आगे बढ़ते हुए कब्रिस्तान क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है।
इस विवाद के चलते पहले भी कई बार सीमांकन का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार विवाद की स्थिति बन जाने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर इस बार व्यापक तैयारी के साथ सीमांकन की कार्रवाई की गई।
सुबह से शुरू हुई इस प्रक्रिया में प्रशासन और पुलिस की टीम पूरे दिन मौके पर डटी रही और देर शाम तक सीमांकन कार्य पूरा किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमांकन के बाद यह निर्धारित किया गया है कि संबंधित भूमि पर किसी भी पक्ष का अवैध कब्जा नहीं पाया गया है।
मामले को लेकर एसडीओपी बरगी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बरगी, चरगवां और शहपुरा सहित चार थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे सीमांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है।


