April 19, 2026
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क्या वजन नियंत्रण का दुश्मन है कार्बोहाइड्रेट? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली, 19 अप्रैल । आजकल वजन बढ़ने की समस्या इतनी आम हो गई है कि लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के तरीके आजमाते हैं। कई लोग डाइटिंग शुरू करते ही कार्बोहाइड्रेट (कार्ब्स) को पूरी तरह अपनी प्लेट से निकाल देते हैं। वे सोचते हैं कि ब्रेड, चावल, रोटी या आलू खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन क्या कार्बोहाइड्रेट सच में वजन घटाने का दुश्मन है? एक्सपर्ट और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस मिथक को साफ तौर पर खारिज करते हैं।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट वजन घटाने का दुश्मन नहीं है। समस्या दरअसल कार्बोहाइड्रेट के प्रकार और मात्रा में है। बैलेंस्ड डाइट में कार्बोहाइड्रेट का होना जरूरी है, लेकिन सही तरीके से चुने गए कार्ब्स वजन नियंत्रण में मदद भी कर सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, यह मिथक है कि सभी कार्बोहाइड्रेट वजन बढ़ाते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। यह सही तथ्य नहीं है। शरीर को ऊर्जा देने वाले मुख्य स्रोत में से एक कार्बोहाइड्रेट हैं।

इन्हें पूरी तरह खत्म करने से थकान, कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि रिफाइंड या प्रोसेस्ड कार्ब्स जैसे सफेद मैदा, सफेद चावल, चीनी, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स आदि को कम करें। इनकी जगह कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट चुनें। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स में फाइबर ज्यादा होता है, जो पेट को देर तक भरा रखता है और भूख को कंट्रोल करता है। सही कार्बोहाइड्रेट में साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ, बाजरा, रागी, ब्राउन राइस, दालें, और बीन्स होते हैं। फल जैसे सेब, केला, संतरा, आदि का सेवन करें, सब्जियों का सेवन करें व नट्स और बीज, बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, आदि भोजन की थाली में शामिल करें। ये कार्ब्स शरीर में धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं और वजन घटाने में सहायक साबित होते हैं। वजन घटाने के लिए सिर्फ कार्ब्स कम करना काफी नहीं है।

बैलेंस्ड डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का सही अनुपात होना चाहिए। साथ में नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी जरूरी है। पूरी तरह कार्ब-फ्री डाइट लंबे समय तक चलाना मुश्किल और अस्वास्थ्यकर भी हो सकता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि बेहतर तरीका यह है कि रोजाना की डाइट में प्रोसेस्ड कार्ब्स की जगह कॉम्प्लेक्स कार्ब्स को शामिल करें। उदाहरण के लिए, सफेद ब्रेड की जगह साबुत अनाज की ब्रेड, सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या मिलेट्स का इस्तेमाल करें।

 

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