मांग
जबलपुर। गौर चौकी क्षेत्र के जमतरा घाट पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। युवक आकाश बर्मन की मौत से आहत परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने गौर-एकता मार्केट के पास गौर-बरेला मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाते, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। इसी के विरोध में उन्होंने सड़क जाम कर न्याय की मांग उठाई।
सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मृतक के परिवार को न्याय दिलाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी कि मृतक के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही, हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी देर तक बातचीत का दौर चलता रहा।
घटना के बाद जिस तरह से ग्रामीणों का गुस्सा फूटा है, वह प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर गहरी नाराजगी है और वे ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल, प्रशासन द्वारा स्थिति को संभालने के प्रयास जारी हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम चाहिए।


