लम्हेटा में किसानों को फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती के लिए किया प्रेरित
किसानों की आय दोगुनी करने और खेती को अधिक फायदेमंद बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग लगातार जमीनी स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में उप संचालक कृषि उमेश कटहरे एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने पाटन विकासखंड के ग्राम लम्हेटा का भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि प्रगतिशील किसान शिवम प्रधान के खेतों पर पहुंचे। वहां उन्होंने खेत में लगी उड़द फसल का निरीक्षण किया एवं उपस्थित अन्य किसानों से सीधा संवाद किया।
खरीफ में धान के खेत में मछली पालन की सलाह :-
उप संचालक कृषि ने किसान शिवम प्रधान और गाँव के अन्य कृषकों को खरीफ में लगने वाली धान के साथ मछली पालन तकनीक अपनाने की विशेष सलाह दी। उन्होंने किसानों को समझाया कि धान के खेतों में पानी भरा रहता है, जिसका उपयोग अतिरिक्त आय के लिए किया जा सकता है। इस तकनीक को अपनाने से किसानों को एक ही लागत और एक ही खेत से दोहरी फसल (धान और मछली) का लाभ मिलेगा। श्री कटहरे ने किसानों को इस तकनीक के फायदे भी बताए।
फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर जोर :-
सिर्फ एक ही फसल पर निर्भर रहने के जोखिम को कम करने के लिए अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी ने फसल विविधीकरण के महत्व को समझाया। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे धान-गेहूं के चक्र से बाहर निकलकर दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को भी अपने खेतों में स्थान दें।
भ्रमण में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती सीमा राउत उपस्थित रहे।


