जबलपुर। जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत 73 पुलिसकर्मियों का तबादला कर उन्हें नई पदस्थापनाएं दी गई हैं। इनमें आरक्षक और महिला आरक्षक दोनों शामिल हैं। सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय की नीति के अनुरूप ऐसे पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित किया गया है, जो एक ही थाना या शाखा में चार वर्ष अथवा उससे अधिक समय से पदस्थ थे। विभाग का मानना है कि समय-समय पर स्थानांतरण से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है और पुलिसिंग अधिक प्रभावी होती है।
तबादला सूची के अनुसार आरक्षक नीतेष वानखेड़े, शैलेन्द्र कुमार शुक्ला, मंजूलता द्विवेदी, शिवनारायण कुडापे सहित महिला आरक्षक पूर्णिमा चौधरी, रशमीत कौर, पूनम कुशवाहा, रोशनी साहू, कविता शर्मा, प्रिया कुशराम, वंदना भार्गव, रीना चौधरी और विजया राजपूत को नए कार्यस्थलों पर भेजा गया है।
इनकी पदस्थापना कोतवाली, घमापुर, ओमती, सिविल लाइन, रांझी, खमरिया, ग्वारीघाट, गढ़ा, गोहलपुर, हनुमानताल, पाटन, बेलबाग, चरगवां, बेलखेड़ा, गोराबाजार, अपराध शाखा, साइबर सेल, अजाक थाना और यातायात शाखा सहित विभिन्न इकाइयों में की गई है।
शहर से लेकर देहात तक असर
यह प्रशासनिक बदलाव केवल शहर तक सीमित नहीं है। पनागर, बरगी, बरेला, सिहोरा, गोसलपुर, खितौला और मझौली जैसे ग्रामीण थाना क्षेत्रों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की पुलिस व्यवस्था पर असर देखने को मिलेगा।
विशेष शाखाओं का भी पुनर्गठन
तबादलों में अपराध शाखा, साइबर सेल, अजाक थाना और यातायात शाखा को भी शामिल किया गया है। विशेष इकाइयों में नए पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ वहां कार्यरत कई कर्मचारियों को मैदानी थानों में भेजा गया है। विभाग का उद्देश्य जांच कार्य और कानून-व्यवस्था दोनों को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
महिला सुरक्षा पर भी फोकस
महिला सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित निराकरण को ध्यान में रखते हुए कई महिला आरक्षकों को नए थानों में पदस्थ किया गया है। इससे महिला संबंधी मामलों के बेहतर और संवेदनशील निस्तारण की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस विभाग का मानना है कि इस व्यापक तबादला प्रक्रिया से कार्यसंस्कृति में सुधार होगा, जवाबदेही बढ़ेगी और जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।


