एसडीएम श्री श्रीश प्यासी की उपस्थिति में हुआ शिविर का आयोजन
योजनाओं का लाभ लेकर लाभान्वित हुए आवेदक
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जनकल्याण अभियान के अंतर्गत 12 जून 2026 को परसवाड़ा में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनहितैषी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी आमजन को प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।
शिविर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री श्रीश प्यासी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत पात्र आवेदकों को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित कर उन्हें योजनाओं के लाभ से जोड़ने की पहल की। इस अवसर पर हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया।
एसडीएम श्री प्यासी ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनकल्याण अभियान के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित विभागों से संपर्क करना चाहिए। शासन द्वारा संचालित योजनाएं समाज के सभी वर्गों के कल्याण और विकास के लिए बनाई गई हैं, जिनका लाभ उठाकर नागरिक अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्रों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की गई। कई हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जनकल्याण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, हितग्राही एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा पात्र नागरिकों को लाभान्वित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। जनकल्याण अभियान के अंतर्गत आयोजित यह शिविर शासन और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत बनाने के साथ-साथ जरूरतमंद हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम साबित हुआ।


