महिला सशक्तिकरण को लेकर साईकिलिंग प्रतियोगिता का आयोजन, जिले की विडंबना खिलाड़ी तैयार पर वेलोड्रम नहीं
बालाघाट।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान, बालाघाट में खेल प्राधिकरण ने जिले में साईक्लिंग फेडेरशन ऑफ इंडिया के सहयोग से साईक्लिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया।
जिला साईक्लिंग संघ और डिस्ट्रिक्ट स्पोटर््स एकेडमी ने संयुक्त रूप से वूमेन अस्मिता लीग साईक्लिंग रेस के आयोजन में 7 किलोमीटर राउंड की एलिट, जूनियर-सबजूनियर और युथ गर्ल्स वर्ग में आयोजित की गई। चिंतनीय बात यह है कि इस प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को डेंजर रोड के खराब रास्ते में साईक्लिंग करनी पड़ी।
जिसमंे महिला एलिट वर्ग में (19 प्लस) में श्रेया लिल्हारे प्रथम, आरती यादव द्वितीय और आरती परते तृतीय रही। इसी प्रकार जूनियर-सबजूनियर वर्ग में नव्या कलिहारे प्रथम, तामेश्वरी माहुले द्वितीय और मोनिका लिल्हारे तृतीय तथा युथ गर्ल्स वर्ग में चित्रांशी चौधरी प्रथम, कनक बिसेन द्वितीय और माही बनोटे तृतीय स्थान पर रही। जिसमें तकरीबन 75 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तीनों केटेगिरी में विजेता, उपविजेता और रनरअप प्रतिभागियों को अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष रमेश कुमार रंगलानी, नपा उपाध्यक्ष योगेश बिसेन जिला डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स अकादमी के अध्यक्ष तपेश असाटी एवं पसवेंद्र पारधी जिला अध्यक्ष बास्केटबॉल संघ के हस्ते मेंडल पहनाकर सम्मानित किया गया। यह प्रतिभागी आने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
इसके साथ ही 5 बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए खेल चुके तीन वरिष्ठ खिलाड़ियों मोनिका बनोते, भूपेंद्र पांचे और कीर्ति सहारे को सम्मानित किया गया।
इस दौरान आयोजक जिला साइक्लिंग संघ के सचिव मनोज उपवंशी, डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एकेडमी अध्यक्ष तपेश असाटी, फिटनेस एकेडमी संचालक दमाहे सहित महिला बाल विकास अधिकारी रंजना चौधरी, पाश्वेंद्र पारधी, टीकाराम लिल्हारे,प्रकाश उपवंशी, राजेश बिसेन, डिलेंन्द्र राहंगडाले, धुवारे, रानु मेरावी सहित अन्य उपस्थित थे।
इस जिले के साईक्लिंग खिलाड़ियों की विडंबना कहे या दुर्भाग्य, बालाघाट को यह कार्यक्रम मिलना और 2020 से जिले के 61 प्रतिभागियों के राष्ट्रीय साईक्लिंग खेलो में जिले का प्रतिनिधित्व किए जाने के बावजूद, ना तो जिले में कोई कोच है और ना ही वेलोड्रम। यही कारण है कि जिले के प्रतिभागी डेंजर रोड पर जान जोखिम में डालकर प्रेक्टिस करते है और मध्यप्रदेश के लिए गोल्ड मॉडल ले कर आते है। इस मामले में प्रशासन की मुकदर्शिता, खिलाड़ियों को नागवार गुजर रही है। जबकि लगातार एक सालों से साईक्लिंग संघ जिले में साईक्लिंग खिलाड़ियो के अभ्यास के एिल वेलोड्रम बनवाने की मांग कर रहा है। लेकिन ना तो प्रशासन और ना ही कोई जनप्रतिनिधि गंभीर है। खास बात यह है कि इसी साल 2026 स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया मध्यप्रदेश के 24 प्रतिभागी की टीम जो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने गई। उसमें 19 बच्चे इसी बालाघाट जिले से है। प्रशासन ध्यान दे तो इस जिले के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन कर सकते है।


