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June 18, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

3 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति! दूसरे दिन ईओडब्ल्यू जांच में बढ़ा पोला राव का ‘खजाना

नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति मामले में नए खुलासे, दस्तावेजों की जांच जारी
जबलपुर। नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। पहले दिन की छापेमार कार्रवाई के बाद अब जांच में उनकी संपत्तियों का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। प्रारंभिक आकलन में सामने आई संपत्तियों का मूल्य 3 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है, जबकि दस्तावेजों की गहन जांच अभी भी जारी है।
सूत्रों के अनुसार पोला राव ने करीब 30 वर्ष पहले नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में पदोन्नति पाकर वे प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बने। अब ईओडब्ल्यू उनकी सेवा अवधि के दौरान अर्जित चल-अचल संपत्तियों और आय के स्रोतों का विस्तृत परीक्षण कर रही है।
अब तक जांच में सामने आईं ये संपत्तियां
ईओडब्ल्यू की अब तक की जांच में पोला राव के नाम और उनसे जुड़े दस्तावेजों में शहर में एक फ्लैट, लगभग 10 हजार वर्गफीट का भूखंड, आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि, एक चारपहिया वाहन, चार दोपहिया वाहन, बैंक खातों में जमा राशि, बीमा पॉलिसियां तथा अन्य वित्तीय निवेश के दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी संपत्तियों का बाजार मूल्यांकन कराया जा रहा है।
ठेकेदार से आर्थिक संबंधों की भी जांच
जांच के दायरे में नगर निगम के एक ठेकेदार का नाम भी शामिल है। ईओडब्ल्यू ने उसके ठिकाने से भी दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ठेकेदारी कार्यों के माध्यम से किसी प्रकार का अवैध आर्थिक लेन-देन या संपत्ति निवेश तो नहीं किया गया।
आय और संपत्ति का होगा मिलान
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक अब जब्त दस्तावेजों, बैंक लेन-देन, निवेश और संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद पोला राव की वैध आय की तुलना अर्जित संपत्तियों से की जाएगी। यदि आय से अधिक संपत्ति अर्जित होने की पुष्टि होती है तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच में और खुलासों की संभावना
सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान कुछ और संपत्तियों तथा निवेश से जुड़े सुराग मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसी कारण ईओडब्ल्यू की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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