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Jabalpur
June 18, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जबलपुर में खेल संस्कृति और अभिभावक कल्याण को मुख्यधारा में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल


महापौर, अध्यक्ष, कलेक्टर, निगमायुक्त के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी हुए कार्यशाला में शामिल*
जबलपुर। नगर निगम एवं जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा वर्ष 2020 से 2026 तक नर्चरिंग नेबरहुड्स पहल के अंतर्गत जबलपुर की यात्रा को प्रदर्शित एवं उत्सव के रूप में मनाने हेतु एक शहर स्तरीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में शहर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’, निगमाध्यक्ष रिंकू विज, एम.आई.सी. सदस्य, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार, जबलपुर विकास प्राधिकरणय मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक वैद्य, अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चैहान, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उपायुक्त संभव अयाची, मुख्य चिकित्सा डॉ. नवीन कोठारी एवं स्वास्थ्य अधिकारीय सौरभ सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला में नगर निगम के गार्डन विभाग, कॉलोनी सेल एवं लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं, जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, पर्यवेक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग म.प्र., जबलपुर विकास प्राधिकरण तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों जैसे ओम साईं विजन स्वच्छ भारत मिशन आईईसी टीम, रंगबहारण सामाजिक एवं सांस्कृतिक कल्याण समिति, रचना एनजीओ एवं ट्रेक्सपर्ट के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी हितधारकों ने मिलकर जबलपुर में शहरी विकास के अंतर्गत युवा बच्चों एवं देखभालकर्ताओं केंद्रित दृष्टिकोण को मुख्यधारा में लाने और दीर्घकाल तक बनाए रखने हेतु रोडमैप पर विचार-विमर्श किया।
नर्चरिंग नेबरहुड्स 2.0, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा वान लियर फाउंडेशन द्वारा समर्थित एक पहल है, जिसे डब्लू आर आई इंडिया द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। नर्चरिंग नेबरहुड्स 2.0 के अंतर्गत, जबलपुर ने ‘खेल प्लान’ लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शहर भर के मोहल्लों में पैदल दूरी पर खेल-मैत्रीपूर्ण सार्वजनिक स्थानों का व्यवस्थित विस्तार करना तथा परिवारों को बच्चों के साथ अधिक समय खुले में खेलने के लिए प्रोत्साहित कर शहर में खेल की संस्कृति विकसित करना है। इसके लिए संदेश आधारित अभियान एवं पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जबलपुर इन प्रयासों को समर्पित बजट, दिशा-निर्देशों एवं नीतियों को अपनाकर संस्थागत रूप दे रहा है। खेल मैदान सुरक्षा, पार्क डिजाइन, उत्तरदायी देखभाल एवं अभिभावक कल्याण जैसे विषयों पर आयोजित प्रशिक्षणों ने अधिकारियों एवं अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता को सुदृढ़ किया है, जिससे वे परिवार-अनुकूल सार्वजनिक स्थानों का विकास कर सकें तथा खेल एवं कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ा सकें।
इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को इन हितधारकों की सफलता की कहानियाँ सुनने का अवसर मिला तथा इस बात पर विचार-विमर्श हुआ कि इन प्रयासों को भविष्य में किस प्रकार और अधिक व्यापक तथा टिकाऊ बनाया जा सकता है। कार्यशाला का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा एक साझा कार्ययोजना तैयार करने के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न हितधारकों की भूमिकाएँ एवं जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से निर्धारित की गईं। यह कार्ययोजना शहर के शहरी विकास में प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, अभिभावक कल्याण एवं खेल को निरंतर बढ़ावा देने के लिए आगे लागू की जाएगी।
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि मैं भारत की पहली प्ले मास्टरप्लान जबलपुर खेल प्लान को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम को बधाई देता हूँ। यह पहल जबलपुर में युवा बच्चों एवं देखभालकर्ताओं के अनुकूल शहरी विकास को दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मेरा मानना है कि हमारे शहर में हो रहे तीव्र विकास को सही दिशा देने के लिए यह एक आवश्यक प्रयास है। नर्चरिंग नेबरहुड्स जैसे कार्यक्रमों का उपयोग शहर में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव की गति को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। मैं टीम को यह भी सुझाव देता हूँ कि युवा बच्चों एवं देखभालकर्ताओं केंद्रित विकास को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए एक मासिक कार्ययोजना तैयार की जाए।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने कहा कि युवा बच्चों एवं देखभालकर्ताओं के अनुकूल सार्वजनिक स्थानों के विस्तार की दिशा में जबलपुर के प्रयास सराहनीय हैं। खेल प्लान के माध्यम से शहर ने एक मजबूत दृष्टि निर्धारित की है तथा खेल सेल जैसे संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं, जो इस दृष्टि को ठोस योजनाओं एवं कार्यों में परिवर्तित करेंगे। अब आवश्यकता है कि अभिनव वित्तीय रणनीतियों एवं सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से इस गति को बनाए रखा जाए। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता समुदायों के बीच संवाद के माध्यम से खेल और अभिभावक कल्याण के महत्व को प्रसारित करने वाले परिवर्तन के अग्रदूत बन सकते हैं। यह एक सामूहिक प्रयास है जिसे हमें मिलकर आगे बढ़ाना होगा।
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने कहा कि जबलपुर भारत का पहला शहर है जिसने प्ले मास्टरप्लान लॉन्च किया है। इस मास्टरप्लान का लक्ष्य प्रत्येक मोहल्ले से 500 मीटर की दूरी के भीतर एक खेल स्थल उपलब्ध कराना है। इसके लिए हम मौजूदा पार्कों का उन्नयन कर रहे हैं तथा फ्लाईओवर के नीचे जैसी कम उपयोग वाली जगहों को खेल-मैत्रीपूर्ण सार्वजनिक स्थानों में परिवर्तित कर रहे हैं। हम माता-पिता एवं युवा बच्चों के दृष्टिकोण से पड़ोस सुधार योजनाओं को लागू करने के लिए एस.ए.एस.सी.आई. जैसी राज्य स्तरीय योजनाओं का भी उपयोग कर रहे हैं। ‘स्क्रीन ऑफ, प्ले ऑन’ जैसे अभियानों एवं शहर स्तरीय आयोजनों के माध्यम से हम लोगों के मन में खेल के महत्व को स्थापित करने तथा परिवारों को अपने दैनिक जीवन में बाहरी खेल के लिए समय निकालने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। हम निजी बिल्डरों के साथ भी इन अनुभवों को साझा कर रहे हैं ताकि वे अपनी परियोजनाओं में युवा बच्चों केंद्रित दृष्टिकोण को शामिल करें। अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों को संवेदनशील बनाकर हमारा उद्देश्य शहर में प्रारंभिक बाल्यावस्था केंद्रित नियोजन के लिए एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। साझा दृष्टि और सामूहिक प्रयास ही जबलपुर को वास्तव में एक खेलमय शहर बना सकते हैं।
प्रेरणा मेहता, एसोसिएट प्रोग्राम डायरेक्टर, सस्टेनेबल सिटीज एंड ट्रांसपोर्ट डब्लू.आर.आई. इंडिया ने कहा कि हम शहरी विकास में युवा बच्चों एवं अभिभावक कल्याण को स्थायी रूप से शामिल करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाने के लिए जबलपुर को बधाई देते हैं। एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, एन.एन. 2.0 के इस चरण में प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास क्षेत्र के विभिन्न आयामों को जोड़ा गया है तथा अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों जैसे व्यवहारगत उपायों को भी शामिल किया गया है। इस कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया तथा उन संभावित मार्गों पर चर्चा की गई जो इन प्रयासों को भविष्य में और अधिक व्यापक एवं टिकाऊ बना सकते हैं।

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