जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी की महानगर उपाध्यक्ष अंजू भार्गव का निलंबन करीब छह माह बाद समाप्त कर उन्हें पुनः संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंप दी गई है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिला प्रभारी आलोक संजर की मौजूदगी में उन्हें दोबारा महानगर उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में चर्च परिसर में एक नेत्रहीन महिला के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आने के बाद जनवरी 2026 में अंजू भार्गव को महानगर उपाध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संगठन ने इसकी विस्तृत जांच कराई।
जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों का गहन परीक्षण किया गया, लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश नेतृत्व ने अंजू भार्गव का निलंबन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि इस संबंध में संगठन की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिला प्रभारी आलोक संजर ने स्पष्ट किया कि अंजू भार्गव अब पुनः अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
करीब छह माह तक चर्चा में रहे इस प्रकरण का समापन जांच में आरोप सिद्ध न होने के साथ हुआ। संगठन ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को प्रमाणित न मानते हुए अंजू भार्गव को दोबारा संगठन की मुख्यधारा में शामिल किया है।
बहाली के बाद अंजू भार्गव ने महानगर उपाध्यक्ष के रूप में पुनः सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। वे आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और गतिविधियों में पहले की तरह जिम्मेदारी निभाएंगी। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह निर्णय संगठन की अनुशासनात्मक प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच के बाद लिया गया है।


