जबलपुर। कथित फर्जी मार्कशीट मामले को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर शिकायतें तेज हो गई हैं। नगर निगम अजाक्स संघ के अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 और 2022 में भी उन्होंने इस मामले की शिकायत ओमती थाना, पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त से की थी, लेकिन अब तक दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित तिथि पर किसी भी आवेदक द्वारा आवेदन जमा नहीं किया गया था। ऐसे में संबंधित मार्कशीट प्रथम दृष्टया कूटरचित और फर्जी प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया जा चुका है।
अध्यक्ष के अनुसार, वर्ष 2020 में नरसिंह कनौजिया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस पूछताछ में कथित रूप से यह बात सामने आई थी कि मार्कशीट कूटरचित तरीके से तैयार की गई थी। उनका दावा है कि इस संबंध में शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख किया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमित नामक व्यक्ति की भूमिका की उन्हें कोई जानकारी नहीं है और उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं बताया गया।
उन्होंने नगर निगम आयुक्त, महापौर, संभागायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं थाना ओमती प्रभारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाए।


