बालाघाट जिले में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से वारासिवनी विकासखंड के ग्राम रजेगांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला यह गांव आज हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की सुविधा मिलने से राहत की सांस ले रहा है। महिलाओं और बच्चों को अब पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।
ग्राम पंचायत आलेझरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम रजेगांव की कुल जनसंख्या 1202 है। पहले गर्मी के दिनों में गांव के जल स्रोत सूखने लगते थे, जिससे ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्वच्छ पानी की कमी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।
ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बालाघाट ने 8 मार्च 2020 को जल जीवन मिशन के तहत ग्राम में नल-जल योजना स्वीकृत की। लगभग 77.69 लाख रुपये की लागत से तैयार इस योजना के अंतर्गत 50 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी, 20 किलोलीटर क्षमता का सम्पवेल तथा 250 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) स्थापित किए गए।
योजना के पूर्ण होने के बाद अब गांव के प्रत्येक परिवार को घर पर ही नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। महिलाओं और बच्चों का समय बचने के साथ ही स्वच्छ जल उपलब्ध होने से स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी मिल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उनके जीवन में नया बदलाव लाया है। वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होने से अब वे अधिक सुविधा और सम्मान के साथ जीवनयापन कर रहे हैं। ग्राम रजेगांव के ग्रामीणों ने इस जनहितकारी योजना के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बालाघाट के प्रति आभार व्यक्त किया है। रजेगांव की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पेयजल ही नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और खुशहाल जीवन का आधार भी बन रहा है।


