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October 30, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पश्चिम बंगाल : ममता बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में सड़कों पर उतरेगी तृणमूल

कोलकाता, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिजपुर में ममता बनर्जी पर हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक गुट ने सोमवार को पूरे राज्य में विरोध रैलियां करने का फैसला किया है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि राज्य के सभी ब्लॉक में विरोध मार्च निकाला जाएगा। जो पार्टी विधायक बागी गुट में शामिल नहीं हुए हैं, वे राज्य विधानसभा में अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी सूत्र के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस रविवार की घटना पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य में अपने आंदोलन को तेज करने की कोशिश कर रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने 2 जून को राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा और हॉकरों को हटाने के विरोध में ‘वाई चैनल’ पर धरना दिया था। हालांकि, अब तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट का पूरा कार्यक्रम कोलकाता-केंद्रित ही रहा है।

सूत्र के अनुसार, पार्टी अब जिलों में अपने कार्यकर्ताओं तक पहुंचने और कार्यकर्ताओं व समर्थकों को अपने नए आंदोलनों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की कोशिश कर रही है। जिला नेताओं से कहा गया है कि वे हमले के विरोध में सोमवार को दोपहर 2 बजे के बाद हर ब्लॉक में जुलूस आयोजित करें। रविवार दोपहर ममता बनर्जी बिजपुर में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थीं, जिसकी कथित तौर पर पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। शनिवार 8 अगस्त को लॉक-अप में रहस्यमय तरीके से बिरजू की मौत हो गई। उनके परिवार का आरोप है कि बिरजू की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। रविवार दोपहर, पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी के दो सांसदों के साथ बिरजू के परिवार से मिलने गईं, लेकिन रास्ते में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस हरकत के लिए भाजपा समर्थित उपद्रवी जिम्मेदार थे। कार पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर खिड़कियां खुली होतीं, तो उनके सिर पर चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी। वहीं, रविवार शाम को सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में भाजपा का कोई सदस्य शामिल नहीं था। घटना के बारे में बात करते हुए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को एक सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को लोगों के बीच जाते समय हेडसेट पहनना चाहिए। इससे उन्हें “चोर” के नारे नहीं सुनने पड़ेंगे।

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