बच्चों को बांटे कपड़े, चरण पादुका व छाते, ग्रामीणों ने बताई सड़क और दस्तावेजों की समस्या
परसवाड़ा। जिले के बिरसा क्षेत्र के बैगा बाहुल्य ग्रामों में सामने आई संक्रमण की स्थिति को देखते हुए परसवाड़ा क्षेत्र के बैगा ग्रामों में भी जागरूकता और सावधानी को लेकर समाजसेवी रामेश्वर कटरे वनग्राम कुकड़ा पहुंचे। उन्होंने बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और ग्रामीणों को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जीवनशैली में सुधार के संबंध में समझाइश दी।
इस दौरान श्री कटरे ने जरूरतमंद बच्चों को कपड़े, चरण पादुका तथा बारिश से बचाव के लिए छाते वितरित किए। सामग्री मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी नजर आई।
सड़क और पुलिया की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम चीनी से वनग्राम कुकड़ा तक जाने वाली सड़क बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर सड़क पर कटाव होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण कराने के साथ ही आवश्यक स्थानों पर पुलिया निर्माण की मांग रखी।
दस्तावेजों के अभाव में योजनाओं से वंचित परिवार
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान सामने आया कि कई परिवारों के पास आधार कार्ड, समग्र आईडी, राशन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। दस्तावेज नहीं होने के कारण वे शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
रामेश्वर कटरे ने ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने, आसपास का वातावरण साफ रखने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की समझाइश दी। उन्होंने परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करते हुए दो बच्चों के बीच कम से कम दो वर्ष का अंतर रखने की सलाह भी दी।
महिला और बच्ची के लिए राशन की समस्या
इस दौरान शुगनीबाई नामक महिला की स्थिति भी सामने आई। ग्रामीणों के अनुसार महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनके साथ एक बच्ची रहती है। परिवार के पास पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जंगल से मिलने वाले फल, बीज और कंद-मूल के सहारे जीवनयापन करना पड़ रहा है।
एसडीएम से चर्चा, शिविर लगाने का आश्वासन
ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी मिलने के बाद रामेश्वर कटरे ने परसवाड़ा एसडीएम श्री एस.एच. प्यासी से दूरभाष पर चर्चा कर वनग्राम कुकड़ा की स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम ने शीघ्र ही कुकड़ा में शिविर लगाकर ग्रामीणों के आवश्यक दस्तावेज बनवाने का आश्वासन दिया है। इससे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है।


