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धान की फसल बर्बादी के सर्वेक्षण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार ने उठाई किसानों की आवाज


लालबर्रा ।  जिला पंचायत अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) सम्राट सिंह सरस्वार ने जिले के किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर बालाघाट को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया कि जिले में विगत एक माह से खराब मौसम और माहु कीट-पतंग के अत्यधिक प्रकोप के कारण धान की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। किसानों द्वारा तीन-तीन बार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के बावजूद फसलें बच नहीं पा रही हैं। जनहित और किसानों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने RBC 6/4 (आरबीसी 6/4) के तहत फसलों का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है, जिसकी प्रतियां मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री को भी उचित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं। 

*मंडी में भावांतर योजना के निर्णय को निरस्त कर पूर्व की तरह समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मांग*

एक अन्य ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा मंडी के माध्यम से भावांतर योजना के तहत धान खरीदी के फैसले को अव्यवहारिक और किसानों के प्रति अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि बालाघाट और सिवनी मुख्य रूप से धान उपज बाहुल्य जिले हैं, जहां किसानों की जीविका धान की खेती पर निर्भर है। मंडी में खरीदी से किसानों का अतिरिक्त पैसा और समय बर्बाद होगा, जिससे कृषकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि भावांतर योजना का निर्णय निरस्त कर पूर्व से घोषित धान खरीदी केंद्रों पर ही समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की जाए। यदि इस निर्णय को निरस्त नहीं किया गया तो किसानों के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और म.प्र. कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी प्रेषित की गई है।

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