बिना सुरक्षा संसाधनों के 16 फुट ऊंचे खंभे पर चढ़कर सुधार रहा था फॉल्ट, विद्युत कंपनी से एक सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट
जबलपुर। पाटन संभाग के बेलखेड़ा क्षेत्र में बिजली लाइन में सुधार कार्य के दौरान करंट लगने से आउटसोर्स कर्मचारी बिहारी लाल बर्मन की मौत के मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकारों के हनन का मामला मानते हुए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के जनरल मैनेजर से जांच कराकर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर की है। बिहारी लाल बर्मन अधिकारियों के आदेश पर 11 केवी बिजली लाइन में आए फॉल्ट को सुधारने के लिए करीब 16 फुट ऊंचे विद्युत खंभे पर चढ़े थे। आरोप है कि उनके पास काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा संसाधन नहीं थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


