नई दिल्ली, 13 जुलाई (आरएनएस) । दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ओएसडी सचिव व स्पेशल अधिकारियों पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि जिनको अरविंद केजरीवाल सरकार पूरी तरह नजरअंदाज करती आ रही है।इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण चौधरी जो दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में वाईस प्रींसिपल भी है, भ्रष्टाचार की गतिविधियों में लिप्त है जिनके खिलाफ सरकारी स्कूल शिक्षक संघ ने पत्र लिखकर उपराज्यपाल को भी शिकायत दर्ज कराई है, जो चिंताजनक है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है प्रवीण चौधरी को तुरंत उपमुख्यमंत्री के ओएसडी पद से हटाया जाए। अनिल कुमार ने कहा कि ओएसडी प्रवीण चौधरी के पास शिक्षा विभाग में प्रशासनिक शक्तियां नही होने के बावजूद डिप्टी सीएम की शक्तियों का वहन करके सरकारी स्कूलों से संबधित सभी फैसलें अपने मतानुसार लेने के कारण भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। प्रवीण चौधरी स्कूलों में टीचरों के स्थानांतरण संबधी अधिकतर फैंसले लेते है और राजनैतिक प्रभाव जमाने को लेकर की गई अनियमितताओं में भी संलिप्त है। उनके खिलाफ एससी/एसटी, अल्पसंख्यक समुदायों के साथ अपमानजनक और भेदभाव टिप्पणियां और आचरण करने की गंभीर शिकायते है परंतु राजनैतिक प्रभाव होने के कारण उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जा सकी है, यहां तक कि जांच करने के आदेश दिए जाते है परंतु जांच अधिकारी केवल आरोपों को खारिज कर देते है। अनिल कुमार ने कहा कि इससे पूर्व भी मनीष सिसोदिया के ओएसडी गोपाल कृष्ण माधव जो 2015 से तैनात है, 2 लाख रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने रंगे हाथों पकड़ा था और इनकी गिरफ्तारी के बाद बिचौलियों की भी कड़ी खुली कि आम आदमी पार्टी में सरकार और अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार पोषण के लिए बिचौलियां का अहम स्थान है। मनीष सिसोदिया की निगम पार्षद को भी सीबीआई ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल की पक्षपाती सोच और प्रशासनिक नाकामी का ही नतीजा रहा कि उनकी सरकार के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त है। अनिल कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन का नारा देकर सत्ता में आए अरविन्द केजरवाल की नाक के नीचे भ्रष्टाचार में संलिप्त मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत उपसचिव दो एसडीएम और एक सब रजिस्ट्रार को निलंबित करने के निर्देश उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को देने पड़े। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार नियंत्रण पर उपराज्यपाल द्वारा कार्यवाही करने से साफ हो गया कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल सरकार में भ्रष्टाचार भरपूर फलफूल रहा है और मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार खत्म करने की बजाय अपने भ्रष्टाचारी मंत्रियों और विधायकों को बचाने में सारी शक्ति लगा रहे है।


