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September 1, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

अमेरिकी सांसदों की बाइडेन से अपील, मोदी के साथ ‘चिंता के मुद्दे’ उठाएं

वाशिंगटन, 21 जून | अमेरिकी कांग्रेस के 70 से अधिक डेमोक्रेटिक सदस्यों ने मंगलवार को राष्ट्रपति जो बाइडेन से एक संयुक्त पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक में ‘चिंता के मुद्दे’ उठाने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति बाइडेन और प्रधानमंत्री मोदी बुधवार रात एक निजी बैठक करने वाले हैं, जिसके बाद आगे की बैठकें होंगी।

राष्ट्रपति बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन गुरुवार को बाद में राजकीय रात्रिभोज में प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे।

सांसदों ने पत्र में कहा, मजबूत अमेरिका-भारत संबंधों के लंबे समय से समर्थकों के रूप में हम यह भी मानते हैं कि दोस्तों को अपने मतभेदों पर ईमानदार और स्पष्ट तरीके से चर्चा करनी चाहिए। भारत और अमेरिका के बीच साझा हितों के कई क्षेत्रों के अलावा आप सीधे प्रधानमंत्री मोदी के साथ चिंता के मुद्दे भी उठाएं।

उन्होंने कहा : विश्वसनीय रिपोर्ट भारत में राजनीतिक स्थान के सिकुड़ने, धार्मिक असहिष्णुता के बढ़ने, नागरिक समाज संगठनों और पत्रकारों को निशाना बनाने और प्रेस की स्वतंत्रता और इंटरनेट एक्सेस पर बढ़ते प्रतिबंध जैसे परेशान करने वाले संकेत दर्शाते हैं।

संयुक्त पत्र लिखने का नेतृत्व प्रतिनिधिसभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव कॉकस की एक भारतीय-अमेरिकी नेता प्रमिला जयपाल और सीनेटर क्रिस वान होलेन ने किया।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सीनेटरों में सीनेटर बर्नी सैंडर्स, एलिजाबेथ वॉरेन और रिचर्ड डर्बिन, जेरोल्ड नाडलर, ग्रेस मेंग, एलिसा स्लोटकिन, सेठ मौलटन, लिंडा सांचेज और मैक्सवेल फ्रॉस्ट शामिल थे।

सांसदों ने अपनी चिंताओं को रेखांकित करने के लिए अमेरिकी रिपोर्टों का भी हवाला दिया। स्टेट डिपार्टमेंट की रिपोर्ट ‘2022 कंट्री रिपोर्ट ऑन ह्यूमन राइट्स प्रैक्टिसेज इन इंडिया’ में राजनीतिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी में कटौती का दस्तावेज है। साथ ही, भारत में अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अल्पसंख्यकों के प्रति धार्मिक असहिष्णुता और धार्मिक रूप से प्रेरित हिंसा में चिंताजनक वृद्धि का विवरण है।

उन्होंने आगे रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स का हवाला देते हुए कहा कि “भारत, एक ऐसा देश जो अतीत में अपने जीवंत और स्वतंत्र प्रेस के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षो में प्रेस की स्वतंत्रता की इसकी रैंकिंग में काफी गिरावट आई है।”

उन्होंने कहा कि एक्सेस नाउ, जो इंटरनेट एक्सेस पर अंकुश लगाता है, लगातार पांचवें वर्ष सबसे अधिक इंटरनेट शटडाउन के मामले में भारत को पहले स्थान पर रखता है।

सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का स्वागत किया और लिखा, हम संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के लोगों के बीच घनिष्ठ और मधुर संबंध चाहते हैं। हम चाहते हैं कि दोस्ती हमारे साझा हितों पर भी बने।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हाल की अमेरिका यात्रा के मद्देनजर यह भी स्पष्ट किया, हम किसी विशेष भारतीय नेता या राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते। निर्णय भारत के लोगों को लेना है, लेकिन हम इसके समर्थन में खड़े हैं कि महत्वपूर्ण सिद्धांत अमेरिकी विदेश नीति का मुख्य हिस्सा होना चाहिए।

सांसदों ने बाइडेन से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ आपकी बैठक के दौरान आप दो महान देशों के बीच सफल, मजबूत और दीर्घकालिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों की पूरी श्रृंखला पर चर्चा करें।

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