सी टाइम्स
राष्ट्रीयहेडलाइंस

कर्नाटक के किसानों की हिरासत पर सिद्दारमैया ने मध्य प्रदेश सीएम को लिखा पत्र

बेंगलुरु, 15 फरवरी । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में अपने समकक्ष मोहन यादव को पत्र लिखकर किसानों की हिरासत के मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

कर्नाटक के किसानों के समूह को ‘दिल्ली चलो’ किसान विरोध-प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाते समय भोपाल में हिरासत में लिया गया।

पत्र में लिखा है, “केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से दिल्ली जा रहे कर्नाटक के किसानों के एक समूह को बिना किसी कारण के मध्य प्रदेश के भोपाल में हिरासत में लिया गया है।

कर्नाटक सीएम ने लिखा कि “हमारे किसानों को हिरासत में लिए हुए चार दिन हो गए हैं” और अभी तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है। अब पता चला है कि पुलिस अधिकारी उन्हें वाराणसी भेज रहे हैं।

उन्होंने “शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन” में भाग लेने के लिए दिल्ली की यात्रा को लोगों का संवैधानिक अधिकार बताया और कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो किसान बेहतर नीतियों की मांग कर रहे हैं, उन्हें मध्य प्रदेश में पुलिस अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

पत्र में कहा गया है, ”मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से इस पर गौर करने और किसानों को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किए बिना तुरंत रिहा कराने का अनुरोध करता हूं।”

सिद्दारमैया ने कर्नाटक किसान संगठन महासंघ के अध्यक्ष कुरुबुरु शांताकुमार की मौजूदगी में मध्य प्रदेश में हिरासत में लिए गए किसानों से भी बात की। उन्होंने उनका हालचाल पूछा। उन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी का भी आश्वासन दिया।

सर्वोदय कर्नाटक पक्ष के विधायक दर्शन पुत्तनैया ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की कि राज्य सरकार किसानों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।

 

अन्य ख़बरें

यूरोप से पहली बार भगोड़े अपराधी का प्रत्यर्पण, पंजाब पुलिस की बड़ी सफलता

Newsdesk

मिडिल ईस्ट में शांति-स्थिरता चाहता है चीन, ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार

Newsdesk

भारत की अगुवाई में एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, ब्रिक्स देश संयुक्त बयान जारी करने पर हुए सहमत

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading