शिमला, 5 सितंबर। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में बनी अवैध मस्जिद के खिलाफ गुरुवार को हिंदू समुदाय ने रोष मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मार्च में शामिल मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित अन्य लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर किसकी सरपरस्ती में यह मस्जिद बनी? अवैध मस्जिद को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच दोनों समुदायों में तनाव बना हुआ है। हर गतिविधियों पर नजर बनाने व अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए जगह-जगह पर पुलिसबलों को तैनात किया गया है। मंत्री अनिरुद्ध ने कहा, “संजोली में लगातार चोरी और लव जिहाद के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। महिलाओं का चलना तक दूभर हो चुका है, लेकिन प्रशासन का रवैया उदासीन है।” उन्होंने आगे कहा, “मस्जिद निर्माण अवैध तरीके से कराया गया। पहले एक मंजिल बना, इसके बाद दूसरी, इसके बाद तीसरी, इस तरह से पांच मंजिल बना ली गई, आखिर कैसे? मैं समझता हूं कि यह स्थिति देश और प्रदेश के लिए खतरनाक है। मेरा प्रशासन से सवाल है कि अब तक पानी, बिजली क्यों नहीं काटा गया? ऐसा निर्माण तभी संभंव होता है, जब प्रशासन से सहयोग मिले।” अनिरुद्ध के आरोप पर ओवैसी ने कहा, “हिमाचल में भाजपा की सरकार है या कांग्रेस की? ये क्या हिमाचल की मोहब्बत की दुकान में नफरत ही नफरत?” हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर की भी इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर प्रशासन से इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मुद्दे पर विक्रमादित्य सिंह की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह पूरा मामला संवेदनशील है। हमें सावधानीपूर्वक कदम उठाना होगा। कानून न्यायपूर्ण तरीके से अपना काम करे। हम नहीं चाहते हैं कि धर्म को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति हो।” उल्लेखनीय है कि अवैध मस्जिद का मामला गत शुक्रवार को माल्याण में हिंदू और मुस्लिम के बीच हुए विवाद के बाद सामने आया। दरअसल, स्थानीय दुकानदार यशपाल सिंह ने एक मुस्लिम शख्स पर हमला कर दिया था। उसके सिर और पैर पर गंभीर चोटें आई। सिर पर 14 टांके लगे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हमलावर के खिलाफ हत्या के प्रयास के संबंध में मामला दर्ज करने की मांग की है।


