34.1 C
Jabalpur
April 25, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

क्लीन गंगा मिशन: 2025-26 में 538.03 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ी



नई दिल्ली, 21 अप्रैल  नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने 2025-26 के दौरान गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे कुल 538.03 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता जोड़ी है। यह जानकारी जल शक्ति मंत्रालय के बयान में दी गई

बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में 18 परियोजनाओं के जरिए यह क्षमता बढ़ाई गई। इस दौरान 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरे किए गए, जबकि पिछले वर्ष 22 एसटीपी ही पूरे हुए थे।



इन परियोजनाओं पर करीब 4,700 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे गंगा बेसिन में सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।



मंत्रालय ने कहा कि यह उपलब्धियां विभिन्न राज्यों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को कम करने और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के सतत प्रयासों का परिणाम हैं।



उत्तर प्रदेश इस उपलब्धि में प्रमुख योगदानकर्ता रहा है, जहां मुरादाबाद, शुक्लागंज, वाराणसी, वृंदावन, प्रयागराज और आगरा में कई परियोजनाएं लागू की गईं।



इनमें वाराणसी के अस्सी-बीएचयू क्षेत्र में 55 एमएलडी की सबसे अधिक क्षमता जोड़ी गई। वहीं प्रयागराज में 13 नालों के इंटरसेप्शन और डायवर्जन तथा सलोरी एसटीपी के उन्नयन से 43 एमएलडी अतिरिक्त क्षमता विकसित की गई, जिसकी स्वीकृत लागत 331.75 करोड़ रुपये है।



मुरादाबाद में रामगंगा नदी के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के तहत 25 एमएलडी क्षमता बढ़ाई गई, जबकि कानपुर के शुक्लागंज में 5 एमएलडी क्षमता जोड़ी गई।



एनएमसीजी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की निगरानी के लिए ‘गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल’ भी विकसित किया है, जो रियल-टाइम डेटा के जरिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। यह पोर्टल उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के एसटीपी की निगरानी करता है।

अन्य ख़बरें

कर्नाटक में जनेऊ विवाद फिर भड़का : छात्र को ‘जबरन’ पवित्र धागा हटाने को कहने पर विरोध प्रदर्शन

Newsdesk

केरल: पथानामथिट्टा जिले में ‘युवा आपदा मित्र’ प्रोजेक्ट का आगाज

Newsdesk

एसएससी स्टेनोग्राफर भर्ती 2026: 731 पदों पर आवेदन शुरू, 15 मई अंतिम तिथि

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading