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October 27, 2026
सी टाइम्स
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महिला डॉक्टर का शव ग्वालियर के हॉस्टल में मिला, परिवार ने उठाए सवाल

Gwalior News, 31 मार्च – मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित गजराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में न्यूरोलॉजी में डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) कर रही डॉक्टर रेखा रघुवंशी का शव 22 मार्च को उनके हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।

उनका शव यमुना गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में “फांसी पर लटका” पाया गया था।

शव को उनके स्तब्ध परिवार को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन अब परिवार इस घटना पर सवाल उठा रहा है। उनका मानना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि घटना के आसपास कई संदेहास्पद परिस्थितियाँ हैं, जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।

परिवार ने आत्महत्या की संभावना को सख्ती से खारिज किया है और रिपोर्ट में पाई गई विसंगतियों की ओर इशारा किया है। परिवार ने पुलिस को बताया कि जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब तक शव पहले ही नीचे उतार लिया गया था और कोई फोटोग्राफिक सबूत नहीं है कि रेखा फांसी पर लटकी हुई थी। इसके अलावा, जिस ग्रिल का इस्तेमाल कथित फांसी के लिए किया गया, वह मात्र तीन फीट ऊँची थी, जिससे हत्या की आशंका और भी गहरी हो गई है।

कंपू थाना प्रभारी रुद्र पाठक के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि जब टीम मौके पर पहुंची, तब तक शव पहले ही नीचे उतारा जा चुका था। यह भी सवाल उठता है कि किसी पुरुष ने शव नीचे उतारा, तो वह गर्ल्स हॉस्टल के अंदर कैसे आया? इस पर जांच अधिकारी का कहना है कि हर एंगल से जांच की जाएगी।

इसके अलावा, जिसने भी शव को फांसी पर लटका हुआ देखा, उसे पहले पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि शव को नीचे उतारना चाहिए था। क्या किसी ने उसे बार-बार फोन किया था? अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, एक साथी डॉक्टर का फोन अनुत्तरित रहा, जिसके बाद उन्होंने संदेह जताते हुए अलर्ट किया।

मेडिकल संस्थान के डीन, डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने आईएएनएस को बताया कि जब उन्हें जानकारी मिली कि रेखा फोन का जवाब नहीं दे रही हैं और “फांसी पर लटकी मिली हैं”, तो वह हॉस्टल वार्डन और अन्य स्टाफ के साथ रात 12:00-12:15 बजे मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस अधीक्षक को सूचित किया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

उन्होंने बताया कि रेखा ने कभी किसी परेशानी की शिकायत नहीं की थी और वह एक होनहार और समर्पित डॉक्टर थीं।

ग्वालियर के इस प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में “स्टूडेंट ग्रीवांस सेल” मौजूद है, जो पढ़ाई से जुड़े तनाव या अन्य किसी भी समस्या के समाधान के लिए काम करता है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने खुशी-खुशी भाग लिया था और तब तक वह “खुश” दिख रही थीं।

रेखा की संदिग्ध मौत के बाद कॉलेज प्रशासन ने एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता डॉ. धाकड़ कर रहे हैं। इस पैनल में वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हैं, जो किसी भी संदेहजनक तथ्य को कानूनी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करेंगे।

31 वर्षीय रेखा अशोक नगर जिले के मधना खिरिया गांव की रहने वाली थीं। उन्होंने जनवरी 2024 में GRMC जॉइन किया था और हॉस्टल के कमरा नंबर 218 में रहती थीं।

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