Jabalpur News Today, मध्यप्रदेश। सिहोरा सिविल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर राघवेंद्र त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट कर खुद पर जानलेवा हमले की बात कही है। उन्होंने लिखा कि तीन युवकों ने उनके ऊपर बंदूक तान दी थी, लेकिन गनीमत रही कि बंदूक फेल हो गई और वे बाल-बाल बच गए। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने पुलिस को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा उन्हें एफआईआर न करने की चेतावनी दी गई।
सोशल मीडिया पर किया इस्तीफे का ऐलान
डॉ. राघवेंद्र त्रिपाठी ने फेसबुक और डॉक्टरों के निजी ग्रुप में पोस्ट कर कहा: “मैं बहुत भयभीत हूँ, मुझ पर पिस्टल से हमला हुआ। पुलिस ने मेरी कोई मदद नहीं की, बल्कि एफआईआर करने से रोका गया। ऐसे माहौल में मैं चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम नहीं कर सकता, इसलिए नौकरी छोड़कर रीवा लौट रहा हूँ।” हालांकि, उन्होंने यह पोस्ट सोमवार सुबह डिलीट भी कर दी।
विवाद की पृष्ठभूमि : अस्पताल की गंदगी का वीडियो बना था विवाद की वजह
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले अंकुर तिवारी नामक युवक और उसके साथियों ने अस्पताल की गंदगी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसी को लेकर डॉक्टर और अंकुर के बीच विवाद चल रहा था।
रविवार रात एक ढाबे में दोनों आमने-सामने आ गए, जहां दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। आरोप है कि डॉक्टर राघवेंद्र ने अंकुर और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की, जिससे दो युवकों को चेहरे पर गंभीर चोट आई।
पुलिस का पक्ष और मेडिकल जांच में देरी
सोमवार सुबह घायल युवक मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉ. राघवेंद्र ड्यूटी से छुट्टी पर चले गए। शाम को दूसरे डॉक्टर ने मेडिकल जाँच (MLC) की। सिहोरा पुलिस ने बताया कि अब अंकुर तिवारी ने डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आईएमए ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
डॉ. राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपनी शिकायत आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के ग्रुप में भी साझा की थी।
आईएमए की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा ने इस पोस्ट को सिहोरा पुलिस को भेजकर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।


