विभागीय अड़ंगे से रुके काम, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी*
अनूपपुर! केंद्र और राज्य में “डबल इंजन” की सरकार, स्थानीय निकाय में भी भाजपा का परिषद—इसके बावजूद अगर विकास कार्य रुक जाएं, तो सवाल उठना लाजिमी है। और जब यह सवाल विपक्ष नहीं, बल्कि खुद भाजपा के निर्वाचित नगर परिषद अध्यक्ष उठाएं, तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है।
*अध्यक्ष ने खोली व्यवस्थाओं की पोल*
नगर परिषद बनगवां (राजनगर) के अध्यक्ष यशवंत सिंह ने कलेक्टर अनूपपुर को ज्ञापन सौंपकर वन विभाग और एसईसीएल के अधिकारियों पर विकास कार्यों में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्वीकृत कार्यों में लगातार अड़ंगे लगाए जा रहे हैं, जिससे योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं।
*आवास योजना में अड़चन*
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को यह कहकर वंचित किया जा रहा है कि उनके पास पट्टे की भूमि नहीं है, जबकि तहसील स्तर पर पट्टों का वितरण पहले ही किया जा चुका है। इससे गरीबों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं एसईसीएल की जमीन पर वर्षों से काबिज लोगों के कारण भी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। इस कारण वास्तविक जरूरतमंद हितग्राही पीछे छूटते जा रहे हैं और विकास कार्य अटक रहे हैं।
*टेंडर तक नहीं पहुंच पा रहे काम*
नगर परिषद के प्रस्तावों के बावजूद कई विकास कार्यों के टीएस और टेंडर तक जारी नहीं हो पा रहे हैं। विभागीय सहयोग के अभाव में वर्षों से कई योजनाएं लंबित पड़ी हुई हैं।
*तोड़फोड़ और चोरी से बढ़ी चिंता*
निर्माण कार्यों में तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनकी शिकायत पुलिस थाना रामनगर में की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
*7 दिन का अल्टीमेटम*
अध्यक्ष यशवंत सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर बिंदुवार जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पार्षदों और ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि जब “डबल इंजन” की सरकार में ही विकास कार्य अटक रहे हैं, तो आखिर “विकसित भारत” का सपना जमीन पर कैसे साकार होगा?


