33.7 C
Jabalpur
May 21, 2026
सी टाइम्स
सी टाइम्सsampadkiya

मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति

jabalpur latest news today

दवा एवं मेडिकल उपकरणों की ऐसी कीमत तय की जा सकती है, जो कारखाना लागत से चार से पांच गुना अधिक हो। जबकि फिलहाल अस्पताल और रिटेलर इनको लागत से 10 से 25 गुना तक अधिक कीमत पर बेच रहे हैं।
ये खबर आक्रोश जरूर पैदा करती है, मगर चौंकाने वाली बिल्कुल नहीं है, कि अस्पताल एवं खुदरा विक्रेता कुछ मेडिकल उपकरणों एवं दवाओं की फैक्टरी मूल्य या आयात लागत की तुलना में 25 गुना अधिक कीमत मरीजों से वसूल रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल मरीजों को निचोडऩे का स्थल बन गए हैं, यह आम तजुर्बा बनता गया है। मगर बात इस हद तक पहुंच जाए कि दवा निर्माता कंपनियां ही इसकी शिकायत करने लगें, तो समझा जा सकता है कि हेल्थ केयर सेक्टर में मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति कितनी बेलगाम हो गई है।
एक खबार की रिपोर्ट के मुताबिक दवा निर्माता कंपनियों ने गुजरे तकरीबन दो साल में कई बार केंद्र को पत्र भेजा। उनकी सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। इनमें दवा कंपनियों ने न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के ऊपर कमाये जा रहे मुनाफे की सीमा तय करने की मांग की। स्पष्टत: केंद्र ने इन गुजारिशों को गंभीरता से नहीं लिया। इस आधार पर कहा जा सकता है कि अस्पतालों और रिटेलर्स के अनुचित मुनाफे पर लगाम लगाना उसकी प्राथमिकता नहीं है। लगभग 300 दवा निर्माता कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइसेज (एआईएमईडी) के पदाधिकारियों ने कहा है कि जो हो रहा है, मरीज उसको लेकर अंधेरे में हैं।
एआईएमईडी ने सरकार को दी गई अर्जी में ‘उचित, अधिक पारदर्शी, एवं मरीज केंद्रित मेडिकल उपकरण मार्केटÓ बनाने का अनुरोध किया था। इसमें कहा गया कि असल एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की प्रवृत्ति रोकी जानी चाहिए। मिसाल के तौर पर ड्रेसिंग, बैंडेज और प्लास्टर की ऐसी कीमत तय की जा सकती है, जो कारखाना लागत की तुलना में चार से पांच गुना अधिक हो। जबकि फिलहाल अस्पताल और रिटेलर इनको कारखाना लागत से 10 से 20 गुना अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। एआईएमईडी ने नेशनल फर्मास्यूटिकल प्राइसिंग ऑथरिटी को भी पत्र लिखा, जिसे आवश्यक दवाओं की कीमत तय करने का अधिकार मिला हुआ है। मगर कहीं कोई चिंता ना देखने के बाद कंपनियों ने ये तथ्य मीडिया के जरिए सार्वजनिक किए हैं। उनका ये कदम काबिल-ए-तारीफ है। मगर सरकार के रुख को असंवेदनशील और लापरवाह ही कहा जाएगा।

 

अन्य ख़बरें

आज का राशिफल

Newsdesk

चीन पर भारत की कारोबारी निर्भरता चिंताजनक स्तर तक

Newsdesk

आज का राशिफल

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading