कोतमा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 के तहत ग्राम पंचायत खोड़री नंबर-1 में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। अभियान के अंतर्गत कुओं, तालाबों एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य निरंतर किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
इसी क्रम में ग्राम खोड़री निवासी सुरेश पांडे पिता जगदीश पांडे के खेत में निर्मित खेत तालाब का गहरीकरण एवं निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। कार्य पूर्ण होने पर सुरेश पांडे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि खेत तालाब बनने से भविष्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी।
ग्राम पंचायत के सहायक सचिव मनोज जायसवाल ने बताया कि खेत तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं के निर्माण से वर्षा ऋतु में अधिक मात्रा में पानी का संग्रहण होगा तथा भूजल स्तर में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0 के अंतर्गत बनाई जा रही इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल को धरती में समाहित कर जल स्रोतों का पुनर्भरण (रीचार्ज) करना है, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके।
इस कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण कराने में सरपंच रामबाई पाव, सचिव, सहायक सचिव मनोज जायसवाल तथा पंचायत के पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के क्षेत्र में पंचायत के साथ-साथ स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीणों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है।
ग्रामीणों का मानना है कि जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे इन प्रयासों के कारण ग्राम पंचायत खोड़री नंबर-1 ने जनपद स्तर पर एक बेहतर पहचान बनाई है। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन की यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र की कृषि एवं जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगी।


