अनूपपुर। ग्राम सोन मौहरी के पुराना पोस्ट ऑफिस के समीप स्थित सार्वजनिक मार्ग पर मिट्टी डालकर कथित अतिक्रमण किए जाने को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह कार्य अशोक यादव द्वारा किया गया है, जो स्वयं गांव के निर्वाचित पंच भी हैं। लोगों का कहना है कि सड़क पर मिट्टी डाले जाने से मार्ग सकरा हो गया है और आवागमन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बरसात के मौसम में मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे राहगीरों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों तथा दोपहिया वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क के दोनों ओर पालतू पशुओं को बांध दिए जाने से मार्ग और अधिक बाधित हो जाता है। इससे न केवल पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, बल्कि वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होती है। नागरिकों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधि की भूमिका पर उठे सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि से अपेक्षा की जाती है कि वह सार्वजनिक हित, सुगम यातायात और जनसुविधाओं को प्राथमिकता दे। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर ही सार्वजनिक मार्ग को प्रभावित करने वाले कार्यों के आरोप लगते हैं, तो इससे लोगों के बीच गलत संदेश जाता है और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तथा नैतिक दायित्वों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि जनप्रतिनिधि समाज के लिए उदाहरण होते हैं। ऐसे में उनसे नियमों के पालन और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण की अपेक्षा सामान्य नागरिकों से भी अधिक होती है। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सत्यता सामने लाने तथा आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। जिसमे
जनहित में
सार्वजनिक मार्ग पर किए गए कथित अतिक्रमण की जांच कराई जाए।
सड़क पर डाली गई मिट्टी एवं अन्य अवरोधों को हटाया जाए।
सार्वजनिक सड़क पर पशु बांधने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
बरसात के मौसम को देखते हुए मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए।
जनप्रतिनिधियों द्वारा सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में आदर्श आचरण सुनिश्चित किया जाए।


