पां. छपारा–जेवनारा मार्ग पर अधूरी पुलिया से ग्रामीण और विद्यार्थी परेशान, ठेकेदार व विभागीय निगरानी पर उठे प्रश्न
सिवनी/उगली- केवलारी विधानसभा के अंतिम सीमावर्ती क्षेत्र पां. छपारा में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगभग 3.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही सड़क एवं पुलिया के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती बारिश के साथ ही निर्माण कार्य की स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होने और गुणवत्ता में लापरवाही के कारण ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पां. छपारा क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाले जेवनारा–पां. छपारा मार्ग का निर्माण जयसवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इसी कंपनी द्वारा पूर्व में निर्मित मोहबर्रा–सारसडोल मार्ग भी पहली बारिश में क्षतिग्रस्त होने के कारण सुर्खियों में रहा था। अब पां. छपारा क्षेत्र में बन रही सड़क और पुलिया को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर स्थित बघेड़ा नाले पर पुलिया का निर्माण पूरा नहीं होने से आवागमन बाधित है। बारिश के कारण लोग वैकल्पिक कच्चे रास्तों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी उन छात्र-छात्राओं को हो रही है जो बेलगांव, कातौली एवं आसपास के गांवों से प्रतिदिन पां. छपारा स्थित विद्यालय आते-जाते हैं। अब उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर जेवनारा–कनारी–रेचना मार्ग से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया तथा जल्दबाजी में लेंटर डालकर केवल औपचारिकता पूरी की गई। उनका कहना है कि यदि बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाता तो क्षेत्रवासियों को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़क और पुलिया आम जनता की सुविधा के लिए होती है, लेकिन यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होगा तो सरकारी धन और जनता दोनों का नुकसान होगा।
फिलहाल केवलारी विधानसभा क्षेत्र में सड़क एवं पुलिया निर्माण को लेकर सामने आया यह दूसरा मामला है, जिससे लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और निर्माण एजेंसी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों की निगाह अब विभागीय जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


