बरघाट- जनपद पंचायत बरघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगपुर में शासकीय तालाबों की नीलामी प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पंचायत सचिव पर मत्स्य विभाग के नियमों की अनदेखी करते हुए तालाब आवंटन में अनियमितता बरतने और वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव डीलक्स गौतम द्वारा शासकीय तालाब का आवंटन लगभग ₹67 हजार में किया गया, जबकि नीलामी प्रक्रिया में मत्स्य विभाग के निर्धारित नियमों एवं पात्र मछुआरा हितग्राहियों को दिए जाने वाले प्राथमिकता अधिकारों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि पात्र हितग्राहियों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से तालाब का आवंटन किया गया, जिससे शासन की मंशा और नियमों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले में वित्तीय अनियमितता के आरोप भी सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार नीलामी के दौरान ₹12 हजार की राशि नगद प्राप्त की गई, लेकिन उसे तत्काल पंचायत के बैंक खाते में जमा नहीं कराया गया। इससे पंचायत की वित्तीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी राजस्व और पंचायत की वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला है।
ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो पंचायत स्तर पर होने वाली नीलामी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा।


