जबलपुर। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (MPMSU) के प्रस्तावित विखंडन पर पुनर्विचार एवं विश्वविद्यालय की एकता बनाए रखने की मांग को लेकर बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जबलपुर, पीएमटीए, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, तथा जेडीए जबलपुर के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति तथा माननीय कुलगुरु के नाम संबोधित अनुरोध पत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल को सौंपा गया। यह जानकारी आईएमए जबलपुर की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा ने दी।
ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुष, नर्सिंग तथा अन्य स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों को एक समान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत संचालित करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय ने पिछले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा प्रणाली, शोध एवं अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रतिनिधियों ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय का विखंडन अब तक किए गए कार्यों की निरंतरता को प्रभावित करेगा तथा अनेक प्रशासनिक और शैक्षणिक चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय का विभाजन करने के बजाय उसे और अधिक सशक्त एवं संसाधन-संपन्न बनाया जाए, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।


