नई दिल्ली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम से जुड़े दिए गए बयान पर कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए।हन भागवत ने ‘एक दुनिया, एक मानवता कार्यक्रम में कहा था कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता।मोहन भागवत के इस बयान पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आईएएनएस से कहा, “हम इस बात का समर्थन करते हैं कि हम सभी राम भक्त हैं। लेकिन जब आप (मोहन भागवत) कहते हैं कि विविधता का जश्न मनाया जाना चाहिए, विविधता को स्वीकार किया जाना चाहिए, विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए और विविधता की रक्षा की जानी चाहिए।
ये चार बातें आप कहते हैं, जश्न, सम्मान, स्वीकार्यता और सुरक्षा। क्या आपने कभी तब आवाज उठाई है, जब भारत में विविधता की रक्षा नहीं की गई? क्या आपने कभी आवाज उठाई है? नहीं, कभी नहीं। आप ऐसी राजनीति का समर्थन करते हैं जो विविधता के खिलाफ है। आप ऐसी राजनीति का समर्थन करते हैं जो विविधता को स्वीकार नहीं करती, विविधता का सम्मान नहीं करती, विविधता का जश्न नहीं मनाती और विविधता की रक्षा नहीं करती। फिर भी, आप न्यूयॉर्क में ये बातें कहते हैं। क्योंकि आप एक अलग तरह के लोगों से बात कर रहे हैं। इसीलिए आप ऐसी बातें कहते हैं। आप अब दूसरी दुनिया में स्वीकार्यता पाना चाहते हैं।”


