जबलपुर। यशभारत। शहर के व्यस्त घमापुर और आंबेडकर चौक क्षेत्र में यातायात समस्या दूर करने के लिए प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना को करीब पांच साल बाद गति मिलने की उम्मीद जगी है। सोमवार, 31 अगस्त को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने क्षेत्र के ट्रैफिक दबाव, सड़क की स्थिति और संभावित अतिक्रमण से जुड़े आकलन की जानकारी दी। सरकार ने विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। अब अगली सुनवाई में फ्लाईओवर के रूट को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
पहले फ्लाईओवर का रूट होटल ऋषि एजेंसी से शुरू होकर रद्दी चौकी के आगे अब्दुल हमीद चौक तक प्रस्तावित था। जनहित याचिका में भी इसी रूट की मांग की गई थी। हालांकि कोर्ट ने यातायात को ध्यान में रखते हुए एमपी टूरिज्म कार्यालय से फ्लाईओवर शुरू कर घमापुर चौराहे के आगे उतारने का वैकल्पिक सुझाव दिया है। अंतिम निर्णय अगली सुनवाई में सरकार के प्रस्ताव के बाद होगा।
क्षेत्र में हाईकोर्ट, जिला न्यायालय, न्यायिक अकादमी, तहसील कार्यालय और अस्पताल होने से लगातार यातायात दबाव रहता है। फ्लाईओवर बनने से जाम कम होने की उम्मीद है। निर्माण से पहले सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाना बड़ी चुनौती होगी।
परियोजना की अनुमानित लागत 2019 में 186.03 करोड़ रुपए थी, जो बाद में बढ़कर 269.22 करोड़ रुपए हो गई। विधायक लखन घनघोरिया लंबे समय से इस मुद्दे को विधानसभा और जनहित याचिका के माध्यम से उठाते रहे हैं। अब अगली सुनवाई में रूट और प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।


