बालाघाट 12 सितम्बर 26। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट श्री प्राणेश कुमार प्राण के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को जिले में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 1545 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 1434 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 4 करोड़ 79 लाख 5 हजार 609 रुपये की अवार्ड राशि निर्धारित की गई।
नेशनल लोक अदालत के आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण द्वारा समस्त विभागों के अधिकारियों एवं न्यायाधीशगण की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा समय-समय पर प्रोत्साहित एवं निरंतर समीक्षा की गई।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण के कर-कमलों से विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) श्री रघुवीर प्रसाद पटेल, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री डी.एन. सिंह, प्रथम जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मनीष सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सतीश शर्मा सहित न्यायिक मजिस्ट्रेटगण एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण एवं न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट श्री सतीश शर्मा द्वारा जिला न्यायालय बालाघाट में आयोजित लोक अदालत का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। जिला न्यायालय परिसर में जिला आयुष विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा 200 से अधिक व्यक्तियों को दवाइयों का वितरण किया गया।
लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण द्वारा श्रवण बाधित बालकों को कान की मशीन का वितरण किया गया। साथ ही वैवाहिक विवाद संबंधी एक प्रकरण का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कर पक्षकारों को फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय बालाघाट में 13 खंडपीठ, सिविल न्यायालय बैहर में 3 खंडपीठ, सिविल न्यायालय कटंगी में 1 खंडपीठ, सिविल न्यायालय लांजी में 1 खंडपीठ तथा सिविल न्यायालय वारासिवनी में 7 खंडपीठों का गठन किया गया। इस प्रकार संपूर्ण जिले में कुल 25 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक/मनी रिकवरी मामले, एम.ए.सी.टी. प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, जल कर एवं विद्युत चोरी सहित शमनीय प्रकरण तथा विभिन्न दीवानी मामलों का निराकरण किया गया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के अंतर्गत बैंक रिकवरी, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी शमनीय प्रकरण, आपराधिक शमनीय, वैवाहिक एवं दीवानी प्रकरण भी निराकरण हेतु रखे गए।


