गांधीनगर ,। गुजरात के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 44 में से 38 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता बरकरार रखी है। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा। आम आदमी पार्टी अपना खाता नहीं खोल सकी। चुनाव परिणामों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि गुजरात में कांग्रेस की लगातार चुनावी हार क्या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नतीजा है?
गांधीनगर नगर निगम के इन नतीजों में भाजपा को पिछले चुनाव की तुलना में तीन सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार पार्टी ने 41 सीटें जीती थीं, जबकि इस बार उसे 38 सीटों पर जीत मिली। दूसरी ओर, कांग्रेस ने पिछले चुनाव में मिली दो सीटों की तुलना में अपनी संख्या बढ़ाकर पांच कर ली। इन नतीजों के बाद नगर निगम में कांग्रेस को विपक्ष के नेता का पद मिलने का रास्ता साफ हो गया है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा के मत प्रतिशत में भी लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, इस आंकड़े के आकलन का आधार अलग से स्पष्ट नहीं किया गया है।
चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि गुजरात की तीन नगरपालिकाओं और नगर निगमों की कुल 104 सीटों में से भाजपा ने 90 सीटें जीती हैं। उनके अनुसार, ये नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति गुजरात और देश के मतदाताओं के समर्थन को दर्शाते हैं।राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस को गुजरात में अपनी लगातार चुनावी हार के कारणों पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस चुनावी नतीजों के लिए एसआईआर को जिम्मेदार ठहराती है, तो गुजरात में उसकी लंबे समय से जारी चुनावी पराजय को किस आधार पर समझाया जाएगा?
यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं और विपक्ष इस प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है।मतगणना के दौरान वार्ड नंबर 11 में कांग्रेस उम्मीदवारों ने चुनाव अधिकारियों के सामने आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस का तर्क था कि यदि आरक्षित सीट का कोई उम्मीदवार सबसे अधिक मत प्राप्त करता है, तो नियमानुसार उसे सामान्य सीट का विजेता घोषित किया जाना चाहिए और उसके बाद सबसे अधिक मत पाने वाले उम्मीदवार को आरक्षित सीट पर विजयी माना जाना चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस की आपत्ति के बावजूद चुनाव अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए भाजपा के चारों उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया। इस घटनाक्रम को लेकर मतगणना के नियमों और उनके अनुपालन पर विवाद खड़ा हो गया।वर्ष 2021 के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में दूसरे स्थान पर रहने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार कोई सीट नहीं मिली। पिछले चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन ने कांग्रेस को कई वार्डों में तीसरे स्थान पर धकेल दिया था, लेकिन इस बार उसके उम्मीदवार प्रभाव नहीं छोड़ सके।
रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई उम्मीदवारों को बेहद कम मत मिले और कुछ की जमानत भी जब्त हो गई।
गांधीनगर नगर निगम के परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को फिर तेज कर दिया है। भाजपा ने नतीजों को अपने पक्ष में जनसमर्थन के रूप में पेश किया है, जबकि कांग्रेस ने पिछले चुनाव की तुलना में अपनी सीटें बढ़ाई हैं।
एसआईआर को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दलों के सवालों के बीच अमित शाह की टिप्पणी ने चुनावी बहस को नया राजनीतिक आयाम दिया है। हालांकि, नगर निगम चुनाव के नतीजे स्थानीय निकाय के मतदाताओं के मतदान को दर्शाते हैं और उनसे पूरे राज्य या देश के मतदाताओं की राय का निष्कर्ष निकालते समय व्यापक संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है।


