August 14, 2026
सी टाइम्स
क्राइमराष्ट्रीय

शाहरुख पठान दिल्ली दंगों की साजिश का हिस्सा : चार्जशीट

New Delhi: An unidentified youth seen with a gun at east Delhi’s Maujpur on Feb 24, 2020.

नई दिल्ली, 9 जून | शाहरुख पठान और चार अन्य लोगों को दिल्ली में मौजपुर चौक पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की गहरी साजिश में शामिल पाया गया है। पठान को फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानते हुए देखा गया था। जांच एजेंसी मंगलवार को पठान और अन्य लोगों की हिंसा में कथित भूमिका से संबंधित आरोपपत्र (चार्जशीट) न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

मंगलवार को जांच एजेंसी विभिन्न अदालतों के समक्ष तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोप पत्र दायर करेगी। तीन मामलों में मौजपुर चौक दंगा केस, कर्दमपुरी पुलिया दंगा केस और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा केस शामिल है।

मौजपुर चौक दंगा मामले में पुलिस ने पाया कि 24 फरवरी को सुबह 11 बजे दो समूह चौक पर आपस में भिड़ गए।

इनमें से एक समूह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन कर रहा था तो दूसरा समूह इसका विरोध कर रहा था। शुरू में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन जल्द ही यह हिंसक हो गया और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर फेंकने के साथ ही आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।

इससे कई पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी चोटें आईं और लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। उस दिन, एक व्यक्ति विनोद सिंह ने संबंधित घटना में अपनी जान गंवा दी और उसके हत्यारों के खिलाफ हत्या का एक अलग मामला दर्ज किया गया।

इस मामले में शाहरुख पठान सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पाया गया कि पठान एक अन्य मामले में मुख्य आरोपी है, जिसमें उसने सरेआम लोगों के बीच अपनी बंदूक हेड कांस्टेबल दीपक दहिया की ओर तान दी थी और गोली भी चलाई थी।

उसके पास से 7.65 एमएम की अवैध पिस्टल, दो जिंदा राउंड के साथ बरामद की गई थी। पुलिस ने कहा कि उसकी ओर से कई गोलियां दागी गईं थी और घटनास्थल से तीन खाली खोल बरामद किए गए थे।

कर्दमपुरी पुलिया दंगा मामला मोहम्मद फुरकान की हत्या, चार अन्य लोगों को गोली लगने और 17 पुलिसकर्मियों के घायल होने से संबंधित है। यहां 24 फरवरी को भारी पथराव के कारण इस तरह की स्थिति देखने को मिली थी।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि 23 फरवरी को हिंसक भीड़ द्वारा इलाके में सीसीटीवी को नुकसान पहुंचाया गया था। हालांकि इसके बावजूद वे कुछ वीडियो फुटेज प्राप्त करने में कामयाब रहे। चश्मदीदों के बयान, वीडियो सबूत और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, “चारों आरोपियों के खिलाफ आज (मंगलवार) चार्जशीट दायर की जा रही है और अधिक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आगे की जांच जारी है।”

वहीं कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी मामला 25 फरवरी को सर्विस रोड पर अम्बेडकर कॉलेज के पीछे सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जहां हिंसक भीड़ ने दो पार्किं ग में आग लगा दी और 32 वर्षीय दीपक को चाकू मार दिया। मृतक दीपक एक ई-रिक्शा चालक था।

बयानों, वीडियो सबूतों और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने कहा, “आज (मंगलवार) सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा रही है। इसके अलावा और अधिक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।”

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