ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में मंगलवार को एक युवक ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने पिता, मां और बहन की निर्मम हत्या कर दी।
आरोपी की पहचान 22 वर्षीय सूर्यकांत सेठी के रूप में हुई है, जो जयगड़ा गांव के धोबा साहि इलाके का निवासी है।
जगतसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक भवानी शंकर उड़गाता ने बताया, “सूर्यकांत ने अपने पिता प्रसंता सेठी उर्फ कालिया, मां कनकलता सेठी और बहन ममाली सेठी की सिर पर पत्थर या लोहे की किसी वस्तु से वार कर हत्या कर दी। सुबह सूचना मिलने के बाद सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसा लगता है कि उसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं थीं।”
गांव के एक निवासी, जिसने पुलिस को इस घटना की सूचना दी थी, ने बताया कि “सूर्यकांत मंगलवार को मेरे घर आया और बताया कि उसने अपने माता-पिता और बहन की हत्या कर दी है। जब गांववाले उसके घर पहुंचे, तो वहां तीनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले।”
सूचना मिलते ही पुलिस और वैज्ञानिक टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी।
हत्या के बाद फरार हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
जगतसिंहपुर के विधायक अमरेंद्र दास ने कहा, “मुझे जानकारी है कि इस परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद था। वे कई बार मुझसे मदद मांगने आए थे और मैंने उनकी समस्या सुलझाने में सहायता भी की थी। मुझे पूरा भरोसा है कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर यह पता लगाएगी कि आखिर एक बेटे ने अपने माता-पिता और बहन की हत्या क्यों कर दी।”
इस बीच, आरोपी के बड़े भाई ने मीडिया को बताया कि सूर्यकांत मानसिक रूप से अस्वस्थ था और इसी मानसिक अस्थिरता के चलते उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सदस्य उसे इलाज के लिए मंगलवार को कटक ले जाने की योजना बना रहे थे।
एक और दिल दहला देने वाली घटना
इस बीच, ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 30 वर्षीय युवक ने अपने पिता की हत्या कर दी और फिर पुलिस स्टेशन जाकर कटे हुए सिर के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी संभु सिंह ने तड़के अपने वृद्ध पिता बैधार सिंह की हत्या कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, “संभु ने अपने पिता पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, क्योंकि सोमवार शाम को उसके पिता ने उसे तंबाकू खरीदने के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया था।”


