B’luru cyber heist – कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी कंपनी के सर्वर को हैक कर लगभग ₹378 करोड़ की चोरी की गई है। इस मामले में कंपनी के एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
व्हाइटफील्ड साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध एवं मादक द्रव्य (CEN) पुलिस स्टेशन में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। शिकायत नेबिलो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने दर्ज कराई है, जो वैष्णवी टेक पार्क, बेलंदूर के पास स्थित है। यह शिकायत कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक पॉलिसी और गवर्नमेंट अफेयर्स) हरदीप सिंह ने दी।
संवेदनशील डेटा तक पहुंच, संदेह की सुई कर्मचारी पर
FIR के अनुसार, कंपनी एक क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती है।
19 जुलाई को तड़के 2:37 बजे एक अज्ञात हैकर ने कंपनी के डिजिटल वॉलेट में सेंध लगाई और पहले 1 USDT ट्रांसफर किया। इसके बाद सुबह 9:40 बजे हैकर ने लगभग $40 मिलियन (करीब ₹378.95 करोड़) अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए और फिर यह राशि छह अन्य खातों में बांट दी गई।
जांच के दौरान पता चला कि कंपनी के अंशकालिक (part-time) कर्मचारी राहुल अग्रवाल के लैपटॉप के जरिए यह हैकिंग की गई। जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने दावा किया कि वह केवल कंपनी के काम के लिए ही वह लैपटॉप इस्तेमाल करता था।
लेकिन जांच में सामने आया कि उसने कंपनी की नीति का उल्लंघन करते हुए उस लैपटॉप को निजी कामों के लिए भी इस्तेमाल किया था।
FIR में इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने राहुल अग्रवाल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ IT एक्ट की धारा 66, 43, 66(C), और 66(D) तथा बीएनएस अधिनियम की धारा 303, 316(4), 318(4), और 319(2) के तहत केस दर्ज किया है।
फिलहाल राहुल पुलिस हिरासत में है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
साइबर अपराध: बढ़ती चुनौती
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है, जिसमें लाखों लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। हालांकि, कई मामलों में अधिकारियों की सतर्कता और कड़ी जांच के चलते ठगी गई राशि वापस भी लाई गई है।


