नई दिल्ली, 11 जून दिल्ली के बहुचर्चित आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में अब फैसले का इंतजार और लंबा हो गया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए नई तारीख 7 जुलाई तय की है। इससे पहले अदालत को 11 जून को फैसला सुनाना था, लेकिन अब सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है।
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
गौरतलब है कि 26 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा का शव खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। उनकी मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और यह मामला दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी उस हिंसक भीड़ और कथित साजिश का हिस्सा थे, जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की। अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में 26 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
शिकायत में बताया गया था कि 25 फरवरी को अंकित शर्मा घर का सामान खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटे। परिवार उनकी तलाश कर रहा था। इसी दौरान स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि चांद बाग इलाके से एक युवक को नाले में फेंका गया है। बाद में जब पुलिस ने नाले की तलाशी ली तो वहां से अंकित शर्मा का शव बरामद हुआ।
मामले की जांच के बाद मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ दंगा, घातक हथियारों के साथ दंगा, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। ताहिर हुसैन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कुछ अतिरिक्त धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया था। वहीं, इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।


