जबलपुर। बरेला क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसे अब चिंता ही नहीं, बल्कि गंभीर जनाक्रोश का विषय बन चुके हैं। आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत और घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी पहल दिखाई नहीं दे रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन केवल हादसे के बाद औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ओवरस्पीड वाहन, लापरवाही से ड्राइविंग, भारी वाहनों का अनियंत्रित संचालन, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था हादसों की बड़ी वजह हैं। कई स्थानों पर पर्याप्त संकेतक, स्ट्रीट लाइट और चेतावनी बोर्ड तक नहीं हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने और यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा नशे या थकान की हालत में वाहन चलाना भी बड़ी समस्या बन चुका है।
लोगों का सवाल है कि जब दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान पहले से संभव है, तो वहां सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए जा रहे? ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार कार्य, ओवरस्पीड वाहनों पर सख्ती, भारी वाहनों के लिए अलग लेन व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और नियमित यातायात निगरानी की तत्काल आवश्यकता है।
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बरेला की सड़कें आगे भी लोगों की जान लेती रहेंगी। अब प्रशासन को आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करके जनता का भरोसा जीतना होगा।


