July 11, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजन

कई प्रोजेक्ट्स ठुकराने पर बोलीं अनुपमा की अद्रिजा रॉय, मैं इंतजार करना पसंद करूंगी, लेकिन बिना जुड़ाव के किरदार नहीं

अनुपमा में राही कपाडिय़ा के किरदार से अभिनेत्री अद्रिजा रॉय ने घर-घर में पहचान बनाई है। अद्रिजा ने कहा कि वह वहीं किरदार निभाना पसंद करती है, जिससे उन्हें दिल से जुड़ाव महसूस होता है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि अब महिलाओं के लिए लिखे जाने वाले किरदारों में काफी सुधार आया है और दर्शक भी महिला केंद्रित कहानियों को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं। अद्रिजा रॉय ने कहा, मुझे लगता है कि चीजें पहले से काफी बेहतर हुई हैं। अब महिलाओं को ज्यादा अहमियत रखने वाले किरदार मिल रहे हैं। हालांकि अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन अच्छी बात यह है कि दर्शक अब महिलाओं के नेतृत्व वाली कहानियों को स्वीकार कर रहे हैं। यह इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि ऐसा होना स्वाभाविक है, क्योंकि जब कोई किरदार लोकप्रिय हो जाता है तो लोग उसी तरह के रोल में कलाकार को देखने लगते हैं।उन्होंने कहा, जब कोई भूमिका लोकप्रिय हो जाती है तो लोग आपको उसी अंदाज में देखने लगते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि आपने उस किरदार को अच्छी तरह निभाया है। मैं इसके लिए किसी को दोष नहीं देती। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हमेशा खुद को और दर्शकों को सरप्राइज करना चाहती हूं। मैं एक ही तरह के किरदार बार-बार नहीं करना चाहती। मेरे लिए हर नया रोल कुछ नया सीखने का मौका होना चाहिए।
अद्रिजा ने अपने करियर के फैसलों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, हर अभिनेता चाहता है कि उसके पास चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प हों, लेकिन यह इंडस्ट्री हमेशा इस तरह काम नहीं करती। कई बार कोई अच्छा प्रोडक्शन हाउस आपको ऐसा किरदार देता है, जो शायद आपकी पहली पसंद न हो। ऐसे में पूरी तस्वीर देखनी चाहिए। कहानी क्या है, टीम कैसी है और किरदार शो में क्या योगदान दे रहा है, इन सभी चीजों को समझना जरूरी होता है। हर स्थिति में कोई एक सही या गलत जवाब नहीं होता। हर कलाकार को अपने हिसाब से फैसला लेना पड़ता है।बातचीत के दौरान अद्रिजा ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने करियर में कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स को मना किया है, जिनसे वह खुद को जोड़ नहीं पाईं।उन्होंने कहा, हां, मैंने कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए मना किया है। ऐसा इसलिए नहीं था कि वे खराब थे, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं उन किरदारों से जुड़ाव महसूस नहीं कर पाई। अगर मैं किसी भूमिका पर विश्वास नहीं करती हूं, तो मेरे लिए उसके साथ न्याय करना मुश्किल हो जाता है। मैं इंतजार करना पसंद करूंगी, लेकिन ऐसा काम करना चाहती हूं जो मुझे अंदर से उत्साहित करे।

 

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