एयरपोर्ट का मेन गेट करना पड़ा बंद
जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट की करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से बनी नई टर्मिनल बिल्डिंग में बारिश के दौरान पानी टपकने का मामला सामने आया है। पानी टपकने से मुख्य गेट के पास फर्श गीला और फिसलन भरा हो गया, जिसके चलते एयरपोर्ट प्रबंधन को सुरक्षा की दृष्टि से D-1 गेट बंद करना पड़ा। यात्रियों की आवाजाही D-2 गेट से कराई गई।
यात्रियों को फिसलन से बचाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने मुख्य गेट के पास ‘फर्श गीला है, संभलकर चलें’ लिखा चेतावनी बोर्ड भी लगाया। बारिश के दौरान टर्मिनल में प्रवेश और बाहर निकलने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कैनोपी में पानी भरने से आई समस्या
एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था। फिलहाल कैनोपी की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए D-1 गेट को बंद कर D-2 गेट से आवाजाही कराई जा रही है।
450 करोड़ खर्च के बाद भी उठे सवाल
नई टर्मिनल बिल्डिंग में बारिश के दौरान पानी टपकने की घटना को लेकर वायु सेवा संघर्ष समिति ने एयरपोर्ट की निर्माण गुणवत्ता और मौजूदा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। समिति अध्यक्ष हिमांशु खरे ने एयरपोर्ट के निर्माण और वर्तमान व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच एवं ऑडिट कराने की मांग की है।
हिमांशु खरे का कहना है कि किसी भी शहर में एयरपोर्ट यात्रियों के लिए पहली छवि बनाता है। ऐसे में करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद टर्मिनल में प्रवेश करते ही गीले फर्श और टपकते पानी की स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।
2024 में भी गिर चुकी है कैनोपी
डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग की फैब्रिक कैनोपी पहले भी सवालों के घेरे में रही है। 27 जून 2024 को भारी बारिश के दौरान ड्रॉप एंड गो एरिया की फैब्रिक कैनोपी का एक हिस्सा गिर गया था। कैनोपी का हिस्सा वहां खड़ी आयकर विभाग के एक अधिकारी को लेने पहुंची कार पर गिरा था, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई थी।
हादसे से कुछ मिनट पहले ही अधिकारी और ड्राइवर कार से उतरकर टर्मिनल के अंदर चले गए थे। इस वजह से दोनों बाल-बाल बच गए और बड़ा हादसा टल गया था।


