गुणवत्तापूर्ण पैचवर्क, सफाई और सुगम यातायात पर जोर, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण प्राथमिकताजबलपुर। शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने नगर निगम के समस्त विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूरा करने और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़कों के पैचवर्क में गुणवत्ता का रखें ध्यान
निगमायुक्त ने शहर की सड़कों पर पैचवर्क का कार्य गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत के कार्यों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। विभागीय कार्यों की प्रगति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागीय प्रभारियों को आगामी समीक्षा में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
जीरो ब्लैक स्पॉट का लक्ष्य, फील्ड में उतरेंगे अधिकारी
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगमायुक्त ने ‘जीरो ब्लैक स्पॉट’ का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सीधे फील्ड में पहुंचकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और नियमित जल वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कर समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लेफ्ट टर्न और मुख्य मार्ग होंगे अतिक्रमण मुक्त
शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न और मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने पर जोर दिया गया। निगमायुक्त ने संबंधित अमले को नियमित निगरानी और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात बाधित न हो और नागरिकों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण जरूरी
निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक में निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी की जिम्मेदारी अपर आयुक्तों एवं अधीक्षण यंत्रियों को सौंपी गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर कार्यों की गुणवत्ता, जवाबदेही और नागरिक सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करें।


