जबलपुर। खमरिया थाना क्षेत्र के पिपरिया टोला स्थित बोगदा केनाल में नहाने गए 11 वर्षीय आशीष ठाकुर का शव चार दिन बाद बुधवार सुबह बरगी की बड़ी नहर में मिला। पनागर थाना क्षेत्र के तिनछिनी खरोंद गांव के पास शव मिलने की सूचना से परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बेटे की तलाश में जुटे परिवार की उम्मीदें टूट गईं और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार, आशीष ठाकुर पिता किशोर ठाकुर रविवार को बोगदा केनाल में नहाने गया था, जहां वह पानी के तेज बहाव में लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस और बचाव दल ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव के कारण तलाश में मुश्किलें आईं।
तलाश में देरी पर परिजनों ने किया था चक्काजाम
तीन दिन तक बालक का सुराग नहीं मिलने पर मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों ने खमरिया थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था। उन्होंने चक्काजाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। आशीष की मां पूजा ठाकुर ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और एसडीआरएफ की टीम बुलाने में देरी की।
पुलिस ने दिया था कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी रांझी-खमरिया सतीश साहू मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को समझाइश देते हुए बताया था कि तलाश में एसडीआरएफ के साथ डीप डाइवर टीम भी लगाई गई है। साथ ही पुलिस की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
बुधवार सुबह मिला शव
बुधवार सुबह करीब 9 बजे डायल 112 के माध्यम से पनागर पुलिस को तिनछिनी खरोंद गांव के पास नहर में एक बालक का शव दिखाई देने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया। वहां पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान आशीष ठाकुर के रूप में की।
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेज दिया है। पनागर और खमरिया थाना पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।


