July 7, 2026
सी टाइम्स
इनसाइट टुडे

1000 किमी दूर से बेटी की अस्थियां लेकर जबलपुर पहुंची मां, दामाद पर हत्या का आरोप; गुजरात पुलिस की जांच पर उठाए सवाल


जबलपुर। गुजरात के वलसाड में ट्रेन से कटकर हुई एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद उसकी बुजुर्ग मां करीब एक हजार किलोमीटर दूर से बेटी की अस्थियां लेकर जबलपुर पहुंची और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई। मां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने दामाद पर ट्रेन के सामने धक्का देकर हत्या करने, अस्थियां छीनने की कोशिश करने और दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
जबलपुर जिले के पौड़ा गांव निवासी पिंकी नामदेव का विवाह वर्ष 2014 में कटनी जिले के बहोरीबंद निवासी महेंद्र नामदेव से हुआ था। दोनों सिलाई का काम करते थे और वर्ष 2018 में रोजगार की तलाश में गुजरात के वलसाड चले गए, जहां एक कंपनी में नौकरी करने लगे। दंपति के दो बच्चे हैं—10 वर्षीय कान्हा और 8 वर्षीय अवनि।
मृतका की मां लक्ष्मी नामदेव के अनुसार, महेंद्र शराब का आदी हो गया था और आए दिन पिंकी के साथ मारपीट करता था। 5 जून 2026 को उसने बच्चों के सामने पिंकी की बेरहमी से पिटाई की, जिसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर जबलपुर स्थित मायके आ गई। बाद में महेंद्र जबलपुर पहुंचा और माफी मांगकर पत्नी को वापस चलने के लिए मनाने लगा। कुछ समय बाद बच्चों के स्कूल में प्रवेश कराने के लिए पिंकी अपनी मां और बच्चों के साथ वलसाड गई, लेकिन पति से अलग किराए के मकान में रहने लगी।
लक्ष्मी नामदेव का आरोप है कि 30 जून की शाम ड्यूटी खत्म होने के बाद महेंद्र कंपनी गेट पर पहुंचा और पिंकी के साथ मारपीट करते हुए उसे रेलवे ट्रैक तक ले गया। उनका आरोप है कि वहीं उसने पिंकी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। परिजनों का कहना है कि शव के अंग अलग-अलग स्थानों पर मिलने से यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है।
मां के मुताबिक, देर रात तक बेटी के घर नहीं लौटने पर उन्होंने कंपनी और परिचितों से संपर्क किया। महेंद्र ने पहले अनभिज्ञता जताई और मोबाइल बंद कर लिया। अगले दिन उसी ने फोन कर रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की जानकारी दी। इसके बाद वलसाड पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया और 2 जुलाई को अंतिम संस्कार किया गया।
4 जुलाई को लक्ष्मी नामदेव बेटी की अस्थियां और दोनों बच्चों को लेकर जबलपुर पहुंचीं। उन्हें आशंका थी कि दामाद और उसके परिजन अस्थियां छीन सकते हैं। स्टेशन से सीधे वे एसपी कार्यालय पहुंचीं और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। बाद में खारी घाट पर नाती कान्हा के हाथों पिंकी की अस्थियों का विसर्जन कराया गया।
जबलपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। जांच में यदि हत्या या किसी अन्य अपराध के साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

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